बरेली। झारखंड से बरेली होकर उत्तराखंड को हो रही अफीम की आपूर्ति में ट्रक ड्राइवर ही कैरियर के तौर पर काम कर रहे थे। दरअसल, झारखंड निवासी तस्कर आदित्य डांगी ट्रक ड्राइवर था। पहले खुद कैरियर की तरह काम कर चुके डांगी ने मुनाफा ज्यादा देखकर यह रास्ता चुना था।
सेटेलाइट चौराहे पर शनिवार को एसटीएफ ने तीन किलो अफीम पकड़ी थी। आरोपियों में झारखंड निवासी डांगी के साथ ही मीरगंज का मूलचंद्र पकड़ा गया था। पूछताछ में आदित्य डांगी ने बताया कि पहले वह ट्रक चलाता था। वह ट्रांसपोर्ट कंपनी के निर्देश पर माल लेकर झारखंड से बरेली होकर उत्तराखंड व अन्य राज्यों में जाता था। शुरू में तस्कर कैरियर के तौर पर उसका इस्तेमाल करते थे। ज्यादा मुनाफा देखकर उसने भी यही रास्ता पकड़ लिया। उसने ट्रक ड्राइवरों से दोस्ती कर अपना नेटवर्क बनाया। वह चौथी बार बरेली में माल लेकर आया था और पकड़ा गया। यहां से वह किसी भरोसेमंद ट्रक ड्राइवर के जरिये माल को रुद्रपुर भेजने की फिराक में था। उसने बताया कि झारखंड में सुमन नाम का तस्कर उसे यह माल देता है। प्रति किलो अफीम में वह 20 हजार रुपये का मुनाफा कमा लेता है।