पूनम के मुताबिक राजेश ने बताया है कि वह जहां पर हैं, वहां हमले के बाद घरों की दीवार पर दरारें आ गई हैं। राजेश जब यहां से गए थे तो इस्राइल के पर्यटन स्थल पर काम मिला था, पर सप्ताहभर पहले ही उन्हें तेल अवीव भेजा गया। कार्यदायी संस्था की ओर से सुविधाएं मिल रही हैं। रहने-खाने की कोई दिक्कत नहीं है।
जो टीवी पर दिखा रहे हैं, वहां वैसा कुछ नहीं
भोजीपुरा निवासी महेंद्र पाल का भी इस्राइल में कार्य के लिए चयन हो चुका है। हालांकि, अभी उनकी कॉल नहीं आई है। महेंद्र का कहना है कि राजेश और विशाल से वह भी बात कर रहे हैं। जो हालात टीवी पर दिखाएं जा रहे हैं, वहां वैसा नहीं है। बताया कि बाइंडिंग कार्य के लिए उनका चयन हुआ है। वह तैयार बैठे हैं। जैसे ही कॉल आएगी, चले जाएंगे।
बरेली से तीन लोगों का हुआ था चयन
बीते वर्ष हमास और इस्राइल के बीच हुई जंग की वजह से मजदूरों की कमी हुई थी। इस कमी को पूरा करने के लिए इस्राइल सरकार ने भारत से मजदूरों की मांग की थी। इसके बाद भारतीय कामगारों के चयन के लिए एक फर्म को जिम्मा मिला। बीते वर्ष बरेली से 14 लोगों ने आवेदन किया था, इसमें तीन इस्राइल भेजे गए। इसमें राजेश और विशाल के साथ सिथौरा गणेशनगर निवासी दीन दयाल शामिल हैं।