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संकट में अपने: मिसाइल अटैक का खतरा... इस्राइल के बंकरों में कामगार, वीडियो कॉल पर बताए वहां के हालात

Thu, 10 Oct 2024 04:21 PM IST
बरेली ब्यूरो अजीत प्रताप सिंह, अमर उजाला बरेली

सार

बरेली के गांव कमुआ मकरुआ निवासी राजेश गंगवार समेत तीन लोग इसी वर्ष काम के लिए इस्राइल गए थे। बीते सप्ताह ईरान ने इस्राइल पर मिसाइलों से हमला किया तो इन कामगारों की चिंता बढ़ गई। ये बंकर में रह रहे हैं। 
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पति राजेश से वीडियो कॉल पर बातचीत करतीं पूनम। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बीते सप्ताह ईरान ने इस्राइल पर मिसाइलों से हमला किया तो वहां रह रहे भारतीय कामगारों की चिंता बढ़ गई। अब भी वहां खतरा मंडरा रहा है। कामगार बंकर में समय बिता रहे हैं। वे दिन में कई बार वीडियो कॉल करके परिजनों को बता रहे हैं कि वहां सब कुछ ठीकठाक है। बरेली जिले से इस्राइल गए कामगारों से अमर उजाला ने बातचीत की तो उन्होंने वहां के हालात बयां किए। 

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भोजीपुरा के गांव कमुआ मकरुआ निवासी राजेश गंगवार इसी वर्ष 23 मई को काम के लिए इस्राइल गए थे। साथ में ममेरे भाई विशाल गंगवार भी गए हैं। दोनों वहां इस्राइल सरकार की कार्यदायी संस्था में कार्यरत हैं। राजेश की पत्नी पूनम के मुताबिक इस्राइल पर हमले की सूचना से वह घबरा गई थीं, पर अगले दिन वीडियो कॉल पर बातचीत हुई। कुशलक्षेम जाना तो चिंता कम हुई। अब रोज पति को वीडियो कॉल कर रही हैं।

तेल अवीव में हैं बरेली के कामगार 
पूनम ने बताया कि राजेश अभी तेल अवीव में कार्यरत हैं। हमले के बाद वहां की सुरक्षा बढ़ा दी गई। सभी बंकर में रह रहे हैं। भारतीय दूतावास ने इस्राइल में रह रहे नागरिकों को सलाह दी है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही बाहर निकलें और सुरक्षा के सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करते रहें।

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पूनम के मुताबिक राजेश ने बताया है कि वह जहां पर हैं, वहां हमले के बाद घरों की दीवार पर दरारें आ गई हैं। राजेश जब यहां से गए थे तो इस्राइल के पर्यटन स्थल पर काम मिला था, पर सप्ताहभर पहले ही उन्हें तेल अवीव भेजा गया। कार्यदायी संस्था की ओर से सुविधाएं मिल रही हैं। रहने-खाने की कोई दिक्कत नहीं है।

जो टीवी पर दिखा रहे हैं, वहां वैसा कुछ नहीं
भोजीपुरा निवासी महेंद्र पाल का भी इस्राइल में कार्य के लिए चयन हो चुका है। हालांकि, अभी उनकी कॉल नहीं आई है। महेंद्र का कहना है कि राजेश और विशाल से वह भी बात कर रहे हैं। जो हालात टीवी पर दिखाएं जा रहे हैं, वहां वैसा नहीं है। बताया कि बाइंडिंग कार्य के लिए उनका चयन हुआ है। वह तैयार बैठे हैं। जैसे ही कॉल आएगी, चले जाएंगे।
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बरेली से तीन लोगों का हुआ था चयन
बीते वर्ष हमास और इस्राइल के बीच हुई जंग की वजह से मजदूरों की कमी हुई थी। इस कमी को पूरा करने के लिए इस्राइल सरकार ने भारत से मजदूरों की मांग की थी। इसके बाद भारतीय कामगारों के चयन के लिए एक फर्म को जिम्मा मिला। बीते वर्ष बरेली से 14 लोगों ने आवेदन किया था, इसमें तीन इस्राइल भेजे गए। इसमें राजेश और विशाल के साथ सिथौरा गणेशनगर निवासी दीन दयाल शामिल हैं।
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