भाजपा के मिशन 2019 की कामयाबी दलितों के रुख पर टिकी है। लोकसभा चुनाव के पूर्व वर्ष में दलितों को साधने की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अपने हाथ में ले रखी है। इसी के चलते सरकारी योजनाओं का एक-एक कर दलितिकरण किया जा रहा है, लेकिन बरेली नगर निगम में भाजपा के ही एक दलित पार्षद ने पार्टी के ही उपसभापति अतुल कपूर की मानसिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि अतुल कपूर को दलितों से घृणा है जो सदन में भी साफ दिखते है। उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। वित्तमंत्री ने मामले की जांच महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया को सौंपी और इसके बाद मामला रफा-दफा कर दिया गया।
वार्ड-नौ नौमहला के पार्षद अमित कुमार ने वित्तमंत्री को यह पत्र 31 मार्च को लिखा। पत्र में उन्होंने उपसभापति अतुल कपूर पर आरोप लगाते हुए कहा है कि, ‘सदन में मेरे सहयोगी अतुल कपूर जो वार्ड 77 सौदागरान से सभासद हैं, सदन में मीटिंग होने पर अनुसूचित जाति से घृणा करते हैं। सदन में आए दिन मुझे सीट से पीछे जाने को कहते हैं और माहौल मारपीट जैसा करने की कोशिश करते हैं। निवेदन है कि अतुल सदन में ऐसा कोई अपशब्द प्रयोग न करें जिससे पार्टी के अनुशासन पर कोई गलत प्रभाव पड़े। इनके ऊपर कठोर कार्रवाई करने की कृपा करें, जिससे भविष्य में कोई घटना न घटे।’
अमित के आरोपों की जांच एवं समाधान के लिए वित्तमंत्री ने महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया को जिम्मेदारी सौंपी। कठेरिया ने निगम की मुख्य सचेतक शालिनी जौहरी और उपनेता छंगामल मौर्य को मामला निपटाने को कहा। इसके बाद दोनों लोगों ने अमित और अतुल को एकसाथ बैठाकर लिखित समझौता कराकर मामला रफा-दफा कर दिया।
अतुल कपूर स्वयं ही सदन में पीछे बैठते हैं, अमित या किसी पार्षद को पीछे भेजने का औचित्य समझ ही नहीं आता। मगर ऐसा नहीं होना चाहिए। सभी को सदन की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए। - उमेश गौतम, मेयर
पार्षद अमित कुमार के आरोप गलत हैं। कुछ मतभेद हो गए थे, इन्हें हम लोगों ने साथ बैठकर दूर कर लिए हैं। इस संबंध में वरिष्ठों को भी अवगत करा दिया गया है। - अतुल कपूर, उपसभापति, नगर निगम