बरेली। सेना की भर्ती निकालने के बाद भी दलाल से साठगांठ करके पांच युवाओं ने अपने पैरों पर खुद ही कुल्हाड़ी मारने जैसा काम कर लिया। भर्ती रैली और उसके बाद टेस्ट आदि की सारी प्रक्रियाओं में पास होने के बाद इन पांचों का ट्रेनिंग के लिए चयन तो हो गया लेकिन पुलिस गिरफ्त में आए दलाल ने इन पांचों का नाम लेकर भर्ती के लिए खुद से संपर्क करने की बात कबूल ली। पुलिस ने दलाल के बयान की रिपोर्ट सेना को भेजी और अब जाकर सेना ने इन पांचों युवाओं को ट्रेनिंग पर भेजने से रोक दिया है। यह पांचों युवक फर्रुखाबाद के रहने वाले हैं। ये सभी मई में हुई रैली में भर्ती हुए थे।
बरेली और फतेहगढ़ भर्ती रैलियों में शामिल हुए युवाओं को फाइनल चयन के बाद अब ट्रेनिंग पर भेजा जा रहा है। पांच सौ युवाओं को ट्रेनिंग पर भेजा जाना है। इनमें से पिछले तीन दिनों में बरेली सेना भर्ती कार्यालय में दो सौ युवाओं को स्क्रीनिंग की प्रक्रिया के बाद ट्रेनिंग के लिए रवाना कर दिया गया है। बाकी को भेजने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन फर्रुखाबाद में रहने वाले शैलेंद्र यादव, गुरजंत सिंह, रघुवीर, शिवराम और सुरेंद्र सिंह को ट्रेनिंग से रोक दिया गया है। सेना भर्ती निदेशक ने बताया कि इन पांचों का भी भर्ती में चयन हो चुका है लेकिन पुलिस और आर्मी विजिलेंस की पूछताछ में दलाल सुनील ने इन पांचों से भर्ती के लिए साठगांठ की बात कबूली थी। इनमें से एक से तो डेढ़ लाख रुपये वसूलने की बात भी सामने आई और सुनील के अड्डे से इनके सर्टिफिकेट भी मिले इसलिए पुलिस रिपोर्ट के आधार इन पांचों को ट्रेनिंग के लिए बुलावा नहीं भेजा गया है। भर्ती निदेशक कर्नल राजीव दीक्षित ने बताया कि अब इस मामले में कोर्ट के आदेश के मुताबिक ही इन पांचों की ट्रेनिंग के बाबत फैसला लिया जाएगा।