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डकैत देवेंद्र फौजी को सजा: 26 साल पहले कल्लू गिरोह के साथ की थी युवक की हत्या, जंगल में मिला था क्षत-विक्षत शव

Wed, 19 Mar 2025 10:14 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

न्यायालय प्रथम के अपर सत्र न्यायाधीश ने देवेंद्र फौजी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
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डकैत देवेंद्र फौजी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपहरण और हत्या के 26 साल पुराने मामले में कल्लू गैंग के सदस्य कुख्यात डकैत देवेंद्र फौजी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। हत्याकांड में शामिल तीन डकैतों को 21 साल पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। कल्लू समेत तीन डकैतों की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।

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कल्लू यादव गैंग की कई जिलों में दहशत थी। परौर थाना क्षेत्र के गांव मंझा दहिनिया के प्रधान गिरंद सिंह से गैंग की रंजिश चलती थी। गिरंद सिंह ने मदनापुर थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसका भाई बदनपाल सिंह 12 अक्तूबर 1999 को अपने मौसेरे भाई केशव सिंह के गांव मोहनियां आया था। रात में भाई बदनपाल, बहनोई रामप्रकाश व केशव बैठक में सो रहे थे। तभी असलहे लेकर आए बदमाशों ने बदनपाल का अपहरण कर लिया था। इसकी सूचना 13 अक्तूबर को केशव ने उसे दी।

केशव ने उसे बताया कि नज्जू, दिनेश, महेश, बुल्ले निवासी गांव मंझा दहिनिया, कल्लू, बच्चन निवासी गांव पूरननगला और देवेंद्र निवासी गांव पटनियां, थाना क्षेत्र बीसलपुर जिला पीलीभीत ने बदनपाल का अपहरण किया है। वे लोग उसे रामगंगा नदी की कटरी में ले गए थे। 14 अक्तूबर को मदनापुर थाने में बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। 28 दिसंबर को बदनपाल का शव चचुआपुर गांव के जंगल में गड्ढे के अंदर मिला था। शव का कुछ हिस्सा जानवर खा गए थे।
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पुलिस ने विवेचना के बाद नज्जू, दिनेश, महेश, बुल्ले, कल्लू, बच्चन और देवेंद्र के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा गया। पुलिस द्वारा आरोपपत्र भेजे जाने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की ओर से 24 मई 2008 को वाद सत्र न्यायालय के सुपुर्द किया गया। गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर त्वरित न्यायालय प्रथम के अपर सत्र न्यायाधीश ने देवेंद्र फौजी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
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