फोटोस्टेट दुकान संचालक ने बताई हकीकत
सुनीता सिंह ने इंस्पेक्टर को बताया कि वह पूरी तरह साइबर ठगों की बात मान रही थीं। वह इस दौरान दूसरे राज्यों में धार्मिक यात्रा करने गईं, लेकिन वहां भी किसी को कुछ नहीं बताया। इस दौरान ठग हर रकम की रिसीविंग और जांच संबंधी कागजात उन्हें मोबाइल पर भेजते रहे। उन्हें बताया जा रहा था कि जांच पूरी होते ही पूरी रकम उनके खाते में लौटा दी जाएगी।
हाल ही में वह लौटकर घर आईं तो ठगों के भेजे कागजातों की फोटोस्टेट कराकर फाइल तैयार कराने पड़ोस की दुकान पर पहुंचीं। फोटोस्टेट करने वाला लड़का उन्हें जानता था। उसने उनसे कागजों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताने से मना कर दिया। जब लड़के ने बताया कि उनके साथ कोई ठगी तो नहीं की जा रही तो उन्हें अहसास हुआ। तब वह साइबर थाने में शिकायत करने पहुंचीं।
साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, पीड़िता को ही काफी समय बाद ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने शिकायत की। फोन नंबर और खातों के आधार पर जांच की जा रही है।