झारखंड और बंगाल के ठगों को उपलब्ध कराते थे चोरी के मोबाइल
एसपी क्राइम ने बताया कि अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े चारों ठग भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाकर मोबाइल चोरी करते थे और यूपीआई के जरिये लोगों के खाते खाली कर देते थे। इसके बाद चोरी के मोबाइल झारखंड और पश्चिम बंगाल के साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे।
इन मोबाइल का इस्तेमाल साइबर ठगी करने के लिए किया जाता था। चारों आरोपी बरेली में मोबाइल चोरी करने के लिए कई दिनों से रह रहे थे। इन लोगों के पास 15 लाख रुपये कीमत के 45 मोबाइल मिले जो चोरी के बताए गए हैं। गिरोह के खिलाफ उत्तराखंड में भी कई मुकदमे दर्ज हैं।