दीपावली पर लक्ष्मी जी का आह्वान करना है तो घर तो साफ करना ही होगा और फिर उसे सजाना भी होगा। घर ही क्यों अपने पूरे शहर को सजाते हैं। क्यों न इस बार सजाने की एक प्रतियोगिता ही हो जाए। बरेली शहर के कुछ संभ्रांत लोगों और सभासदों की राय पर अमर उजाला ने इस दिवाली से पहले शहर में ऐसी प्रतियोगिता का मन बनाया है। सभासदों के साथ बैठक में तय किया गया कि बसासत के हिसाब से शहर के बस्तियों को चार श्रेणियों में बांट कर उनमें से सबसे स्मार्ट बस्तियों को चुना जाए। इसके अलावा शहर के उन लोगों को भी आगे लाया जाए जो अपने स्तर पर या अपनी संस्था की ओर से शहर को स्मार्ट बनाने में योगदान दे रहे हैं। इसके लिए शीघ्र ही एक चयन समिति का गठन किया जाएगा।
ये रही चार श्रेणियां-
पार्षद दल के नेता राजेश अग्रवाल और विकास शर्मा के साथ आलोक तायल, शशि सक्सेना, राजू मिश्रा आदि की राय थी कि शहर के हर हिस्से को एक मानक से नहीं देखा जा सकता। मलिन बस्ती और पॉश कालोनी दोंनों में से ही अलग अलग चयन होना चाहिए। इस चर्चा के बाद ये चार श्रेणियां बनी हैं
1- सरकारी -गैर सरकारी हाउसिंग सोसायटियां
2- कालोनाइजरों द्वारी बसाई गई नई कालोनियां
3- शहर की मलिन बस्तियां
4- शहर घनी बस्ती वाले हिस्से के खास मुहल्ले
इन मानकाें पर परखेंगे स्मार्टनेस
सड़क, सफाई, निकासी व्यवस्था, पार्क और हरियाली,स्ट्रीट लाइट,अतिक्रमण, सर्वजनिक शौचालय, निवासियों की सहभागिता और उस क्षेत्र की आबादी। जहां अतिक्रमण होगा वहां माइनस मार्किंग होगी।
कुछ खास लोग
कुछ ऐसे खास लोग हैं जो स्वच्छता और वार्ड को सुंदर बनाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर काम कर रहे हैं तो उनका चयन अलग श्रेणी में होगा।
आप भी करें आवेदन
शहर का कोई भी आम नागरिक या सभासद अपने मुहल्ले के नाम पर एंट्री भेज सकता है। अमर उजाला की टीम और चयन समिति सारे आवेदनों का परीक्षण कर मौका मुआयना कर इसकी परख करेंगे।
पार्षदों की बात
स्मार्ट वार्ड एक अच्छा विचार है। इसमें पार्षद आगे आएं और अपने वार्ड के सबसे खूबसूरत क्षेत्र की एंट्री दर्ज कराएं। ताकि शहर में पता चल सके की हम कितने स्मार्ट हैं।
राजेश अग्रवाल, नेता पार्षद दल सपा
भले ही स्मार्ट सिटी में हम शामिल न हो पाए हों लेकिन स्मार्टनेस में हम किसी से कम नहीं है। यही साबित करना है। हर वार्ड को परखा जाएगा। सभी पार्षद इसमें आगे बढ़कर भागीदारी करेंगे।
विकास शर्मा, नेता पार्षद दल भाजपा
स्वच्छता के लिए अभियान में हम सब भागीदार बनेंगे। स्कूली बच्चाें को भी जोड़ा जाएगा। - आलोक तायल
हमारे बीच कुछ खास लोग हैं जो अपने इलाके को साफ रखने में मदद करते हैं। इनको भी स्वच्छता अभियान से जोड़ना जरूरी है। - शशि सक्सेना
वार्ड की कई गलियाें में सुबह कूड़ा उठने के बाद वहां दोबारा गंदगी नहीं होती। इसमें नागरिकों का भी सहयोग है। ऐसे ही वार्ड के अन्य इलाके भी ढूंढेंगे।- वंदना मिश्रा