राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना की जांच में दुनका के 19 फर्जीवाड़े सामने लाते हुए मीरगंज के एसडीएम ने एक पूर्व प्रधान समेत तीन दलालों के नामों का भी खुलासा कर दिया है जो फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का काम करते थे। एसडीएम ने डीएम को जांच रिपोर्ट भी भेजी है, जिसमें तीनों दलालों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
एसडीएम ने दुनका के 27 मृत्यु प्रमाणपत्रों की जांच की। इनमें से 19 प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए, जिन पर मृत्यु की तिथि गलत दर्ज थी। सिर्फ पांच प्रमाणपत्र ठीक मिले। जबकि एक लाभार्थी की मृत्यु हो जाने से उसकी जांच नहीं की गई और बाकी दो लाभार्थी अपने घर पर नहीं मिले। एसडीएम कुंवर पंकज ने बताया कि जांच के दौरान लाभार्थी महिलाओं ने अपने बयान में बताया कि वीरपुर बकैनिया के विष्णु शर्मा, दुकना के मुस्तफा बेग और गिरधरपुर गांव के पूर्व प्रधान केसरीलाल ने फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाए। यह सरकारी धन दिलाने के लिए दलाली की भूमिका निभाते हैं। स्थलीय जांच में ज्यादातर महिलाओं ने वीरपुर बकैनिया के दलाल विष्णु शर्मा पर दस-दस हजार रुपये खाने की बात खुले तौर पर कबूली थी। माना जा रहा है कि दलालों के पकड़ में आने के बाद फर्जीवाड़े में शामिल पूरे रैकेट का खुलासा हो सकेगा। डीएम को भेजी रिपोर्ट में एसडीएम ने इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई है। एसडीएम ने बताया कि दुनका में तैनात लेखपाल विजय कुमार की इस फर्जीवाड़े में लिप्तता पर तीन दिन पहले ही सस्पेेंड किया जा चुका है। वहीं, बैरमनगर में एक प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया।
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:::इनकी मृत्यु के प्रमाणपत्र मिले फर्जी
बशीर, इरशाद, रईस अहमद, वशीर अहमद, लालाराम, अकील मोहम्मद, पप्पू शाह, बिच्चे, गंगाराम, रोहताश रस्तोगी, भूरे, नियाज अहमद, राधेश्याम, कदीर बख्श, झम्मनलाल, मोहम्मद करीम, सुराज अहमद, छोटे, रामस्वरूप और सुगराती।