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6068 लाभार्थियों की जांच शुरू

Fri, 23 Jan 2015 12:36 AM IST
बरेली
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मीरगंज एसडएीएम के छापे में पकड़े गए सेवाराम जैसे कई जालसाज सालों से शासकीय अनुदान योजना में फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। सेवाराम जैसे जालसाजों के चलते माना जा रहा है कि दो सालों में पारिवारिक लाभ योजना के लाभार्थियों में 25 फीसदी से अधिक फर्जी हो सकते हैं। हालांकि दो वित्तीय वर्ष में लाभ पाने वाले सभी 6068 लाभार्थियों की सूची गुरुवार को जांच के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए सीडीओ के पास आ गई। उन्होंने तहसीलवार लाभार्थियों का विवरण जांच में लगे अधिकारियों को उपलब्ध कराते हुए प्रमाण पत्रों की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए।
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कमिश्नर और डीएम के निर्देश के बाद गुरुवार से पारिवारिक लाभ योजना के वर्ष 2012-13 और वर्ष 2013-14 के 6068 लाभार्थियों को जांच में शामिल करते हुए उनके आवेदनों की जांच शुरू कर दी गई है। इन आवेदकों ने 20-20 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त कर लिया है। मुख्य विकास अधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने बताया कि जिस तरह से मीरगंज में फर्जीवाड़े के 67 मामलों का खुलासा हुआ है। इस दृष्टि से काफी संख्या में पिछले साल से फर्जी तरीके से लाभ लेने वालों का खुलासा हो सकता है।

नहीं पकड़े गए सेवाराम के गुर्गे
सेवराम के साथ जालसाजी को अंजाम देेने वाले करीब एक दर्जन से अधिक उसके गुर्गे भूमिगत हो गए हैं। ये गुर्गे ही गांवों में घूम-घूम कर मृतकों का ब्योरा जुटाते थे। वहीं मुकदमा दर्ज करने के बाद भी पुलिस भी शांत बैठी है। जबकि पूछताछ में सेवाराम ने पांच पोस्टमैन, एक महिला सहित करीब एक दर्जन लोगों के नाम बताए थे।
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आज दुनका पहुंचेंगे एसडीएम...
एक वित्तीय वर्ष में दुनका में पारिवारिक लाभ योजना में 27 आवेदनों के चलते डीएम के आदेश के बाद जांच के लिए एसडीएम मीरगंज शुक्रवार को दुनका पहुंचेंगे। वह स्थलीय सत्यापन के साथ प्रपत्रों की भी जांच करेंगे। उन्होंने आवेदन करने वाली महिलाओं, लेखपाल, पंचायत सचिव तथा ग्राम्य विकास अधिकारी को भी मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि सभी के सामने आवेदन में लगे फोटो तथा प्रमाण पत्रों की विस्तार से जांच होगी।


लेखपालों के निलंबन की बात गलत : डीएम
पारिवारिक लाभ योजना के फर्जीवाडे़ में लिप्त मिले लेखपालों को चार्जशीट जारी, जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़े की अभी तक की जांच में मीरगंज तहसील में आरोपी पाए गए आठ लेखपालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई है। उनके निलंबन जैसी कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीएम संजय कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि निलंबन की बात सरासर गलत है। अभी पूरे जिले में गत दो साल में अनुदान वाले सभी मामलों की पखवाड़े भर में जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। एसडीएम स्तर पर मीरगंज में हुई जांच में जो भी सरकारी मुलाजिम लिप्त मिले हैं, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए कहा गया है।
एडीएम प्रशासन अरुण कुमार ने कहा कि इस प्रकरण में मीरगंज में अभी तक फर्जीवाड़े में लिप्त मिले आठ लेखपालों और एक राजस्व लिपिक को तहसील प्रशासन के स्तर पर चार्जशीट दी गई है और जवाब-तलब किया गया है। जवाब मिलने के बाद ही दंडात्मक कार्रवाई तय होगी, उससे पहले नहीं। उधर मीरगंज के एसडीएम कुंवर पंकज ने कहा कि आठ लेखपाल प्रथम दृष्ट्या लिप्त मिले हैं। उनका जवाब मिलने के बाद दोष के आधार पर निलंबन या उससे भी बड़े दंड की कार्रवाई तय होगी।

अब आवेदनों की जांच नायब तहसीलदार करेंगे
एसडीएम मीरगंज कुंवर पंकज ने बताया कि भविष्य में अनुदान योजनाओं में फर्जीवाड़ा न हो, इसके लिए समाज कल्याण विभाग को भेजे जाने वाले आवेदनों की जांच नायब तहसीलदार स्वयं करेंगे। वे खुद लाभार्थी को बुलाने के साथ-साथ उनके अभिलेखों की बारीकी से जांच करेंगे।
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