सिरौली। बिजली विभाग की लापरवाही ने बृहस्पतिवार सुबह एक व्यक्ति की जान ले ली। थाने के सामने प्राइवेट बस झूलते तारों की चपेट में आ गई। छत में चढ़े तीन लोग करंट के झटके से सड़क पर गिर गए। एक की मौत हो गई जबकि दो यात्री झुलस गए। दो अन्य ने कूदकर जान बचाई। घटना के बाद भगदड़ मच गई। गुस्साए लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ हंगामा किया। बाद में पुलिस ने बस ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। बस को भी कब्जे में ले लिया गया है।
हादसा सुबह साढ़े दस बजे हुआ। बरेली से सवारी लेकर आ रही मिनी बस थाना चौराहे पर पहुंची थी। स्टैंड पर खड़ा करने के लिए ड्राइवर गति धीमी कर बस को मोड़ रहा था, तभी पांच लोग सामान उतारने की जल्दी में बस की छत पर चढ़ गए। शिवपुरी के साठ साल के रोशन लाल, 20 वर्षीय मनोज और गुरगांवा का चरन सिंह 440 वोल्ट की लाइन के झूलते तारों की चपेट में आ गए। जोरदार झटका लगने से तीनों सड़क पर गिर गए। सोमपाल और ऋषिकुमार बस की छत से कूद गए। हादसे के बाद चीख पुकार और अफरातफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। बस में बैठे 10 यात्री भी सहम गए। बस ड्राइवर और हेल्पर कूदकर भाग गए। सूचना पर कोतवाल राजवीर सिंह यादव मौके पर पहुंचे और तीनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां रोशन लाल की मौत हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने थाना चौराहे पर प्रदर्शन किया। उन्होंने झूलते और जर्जर तारों के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया। बाद में पुलिस ने रोशन लाल के बेटे सुनील की तहरीर बस ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने बस अपने कब्जे में ले ली।
सब स्टेशन बंद कर गायब हो गई कर्मचारी
घटना के बाद सब स्टेशन पर तैनात कर्मचारी सप्लाई बंद कर गायब हो गए। लोगों के फोन रिसीव नहीं हुए। नगर उद्योग व्यापार मंडल ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभाग की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अध्यक्ष राजीव गुप्ता, उपाध्यक्ष संदीप गौड़ ने बिजली विभाग के खिलाफ भी हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
जुगाड़ पर चल रही है व्यवस्था
सिरौली। शहर में जर्जर लाइन हादसों का सबब बनी हुई है। जहां-तहां जुगाड़ कर सप्लाई जोड़ी गई है। घरों की छतों को छूते तारों से लोग दहशत में आ जाते हैं। कालेज मार्केट की मुख्य लाइन में सिर्फ सौ मीटर लंबी में कई जोड़ हैं। लोगों का कहना है कि दिन में तीन से चार बार तार गिरते हैं। लाइनमैन आते हैं और तारों को डंडे से बांधकर चले जाते हैं।
कोट
हमने जर्जर तारों को बदलवाने के लिए कई बार इस्टीमेट भेजा है। अफसर तार देंगे तभी तो हम लाइन बदलेंगे।
विजयपाल सिंह, जेई