आरोप निराधार हैं, मेरे पास साक्ष्य मौजूद: ऋषभ
पार्षद संतोष के बेटे ऋषभ ने कहा कि उन्होंने करीब 15 दिन पहले मुन्ना से मुलाकात कर कबाड़े की स्कूटी की डील की थी। उसने स्कूटी लेकर बाइक मैकेनिक को दी तो उसकी बॉडी काम की नहीं निकली। उसने दोबारा से मुन्ना को स्कूटी वापस कर रुपये वापस लिए थे। इन्हीं रुपयों की वह बात कर रहा है। पूरे घटनाक्रम की उनके पास ऑडियो भी है। उनकी मां संतोष ने कई बार पार्षद होने के नाते अतिक्रमण की शिकायत भी की है। मुन्ना उनके परिवार से दुश्मनी भी मानता है।
चोरी का सामान छुपाता है मुन्ना कबाड़ी: पार्षद
इस मामले में पार्षद संतोष ने नगर आयुक्त को भी प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें बताया है कि नगर निगम की संपत्ति पर मुन्ना ने कब्जा कर रखा था। अतिक्रमण हटने के बाद भी बार-बार सरकारी शौचालय पर कब्जा करता रहता है। इसमें वह चोरी का माल रखता है और चोरी की ही बिजली चलाता हैं क्षेत्र के लोगों की नाराजगी के कारण उन्होंने निगम की टीम के साथ स्वंय जाकर शौचालय खाली करवाकर ताला लगा दिया है। शौचालय में बाइक और साइकिल अन्य सामान छुपा रखा गया था।
अगर लेन-देन नहीं होता तो नहीं होती शिकायत
इस पूरे मामले में पार्षद के बेटे ऋषभ द्वारा रुपये लेने और स्कूटी की बॉडी लेने का मामला सामने आ रहा है। इसके बाद ही मामले में शिकायत की गई है। वहीं देखा जाए तो पार्षद खुद बता रही है कि मुन्ना चोरी का माल रखता है, तो बेटे ने चोरी के माल की ही डील की थी। यह बात भी पुष्ट होती है। वहीं अब इस मामले में पुलिस जांच होती है तो ही मामला साफ हो सकेगा।
अतिक्रमण प्रभारी ललतेश सक्सेना ने बताया कि टीम अतिक्रमण मुक्त कराने गई थी, इस दौरान कई लोगों ने हंगामा किया। इसके बाद शौचालय को खाली करवाकर टीम लौट आई है। अब दोबारा अतिक्रमण ना हो इसके लिए पुलिस की मदद भी ली जाएगी।