उझानी। डाकघर में नए आधार कार्ड और पुराने में संशोधन कराने के लिए जुटी आवेदकों की भीड़ मंगलवार को बेकाबू हो गई। जल्दी टोकन लेने की होड़ में आवेदकों में शामिल महिलाएं और पुरुष आपस में धक्का-मुक्की करने लगे। इस बीच उनकी पुलिस कर्मियों से भी नोकझोंक हुई।
स्टेशन रोड स्थित मुख्य डाकघर में इन दिनों नए आधार कार्ड के साथ ही संशोधन काम किया जा रहा है। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे तक डाकघर के सामने बच्चों समेत करीब डेढ़ सौ महिला-पुरुष एकत्र हो गए। इसके बाद भीड़ बढ़ती गई। संख्या तीन सौ पार कर जाने पर आवेदक डाकघर में पहुंचने को सीढि़यों पर चढ़ने लगे। इसी बीच आगे निकलने की होड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। दो घंटे तक सड़क पर खड़े रहकर कई महिला-पुरुषों को पसीना बहाना पड़ा।
भीड़ में शामिल दो-तीन महिलाओं की पुलिस कर्मियों से नोकझोंक हुई। आवेदक में नेमवती ने बताया कि आठ दिन से चक्कर काटने के बाद भी उनके पांच साल के बेटे का आधार कार्ड नहीं बन पाया है। बता दें कि यहां एक दिन में 40 आधार कार्ड ही बन पाते हैं। इनमें संशोधन भी शामिल हैं।
पैर फिसला तो सीढि़यों से गिरने से बची महिला
- डाकघर परिसर में जाने के लिए जीने की सीढि़यों पर पैर रखने के लिए भी जगह नजर नहीं आई। धक्की- मुक्का के दौरान एक महिला का पैर फिसल गया। उनकी गोद में बच्चा भी था। चश्मदीदों में संजीव ने बताया कि वह तो गनीमत रही जो होमगार्ड ने उसे संभाल लिया, नहीं तो बच्चे समेत उसकी जान पर बन आती। बता दें कि पिछले सोमवार को भी इसी तरह से धक्का-मुक्की में महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा था।
- कस्बे में नए आधार कार्ड और उनमें संशोधन के लिए डाकघर के अलावा कोई और केंद्र नहीं है। भारत संचार निगम लिमिटेड परिसर में आधार कार्ड केंद्र था, जो बंद है। यही वजह है कि डाकघर में आवेदकों की संख्या बढ़ती जा रही है।- अश्वनी माहेश्वरी, डाक अधीक्षक