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जनधन में आए 500 रुपये निकालने को भीड़ भूल गई कोरोना का खतरा

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बैंक के भीतर लगी ग्राहकों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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कई बैंकों के बाहर, तो कुछ बैंकों में अंदर परिसर में इकट्ठा हो रही भीड़

बरेली। जनधन खातों में पहुंचे 500 रुपये की खातिर लोग कोरोना से संक्रमण के खतरे को भी नजरअंदाज कर बैंकों में बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। कुछ जगहों पर तो चार से पांच लोग ही बैंक के भीतर जा पा रहे हैं, लेकिन कुछ बैंकों के परिसर में ग्राहकों की भीड़ सामाजिक दूरी को नजरअंदाज कर जुट रही है। ऐसे में बैंक स्टाफ पर भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
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सरकार ने कुछ दिन पहले करीब छह लाख जनधन योजना के महिला खाताधारकों के खातों के साथ सवा लाख गरीबों की पेंशन स्कीमों, 2.60 लाख मनरेगा जॉब कार्डधारक और पंजीकृत मजदूरों के खाते में भी आर्थिक सहायता जारी की है, जिसे निकालने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों के बाहर जबरदस्त भीड़ लग रही है। यूनियन बैंक की ठिरिया निजावत खां शाखा में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग जुटना शुरू हो गए थे। बाद में बड़ी संख्या में लोग सामाजिक दूरी का उल्लंघन करते हुए बैंक परिसर के अंदर भी घुस गए। जब स्टाफ ने निकालने की कोशिश की तो वे अभद्रता पर आमादा हो गए। इसी तरह पीएनबी की मढ़ीनाथ शाखा में बड़ी संख्या में रेती व मलूकपुर के लोग भीड़ लगाए थे।
एसबीआई किला ब्रांच में भी पैसा निकालने के लिए काफी भीड़ लगी थी। लोगों ने बताया कि सुबह छह बजे आ गए थे और 11 बजने वाले हैं, पैसा नहीं निकल सका है। बाकरगंज में बैंक ऑफ बड़ौदा और किला छावनी बैंक में भी काफी भीड़ लगी होने से संक्रमण फैलने का खतरा बना रहा। कर्मचारीनगर में बैंक ऑफ बड़ौदा में सुबह से लाइन लगाए खड़े लोग अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। हालांकि पुलिस के आने के बाद कुछ स्थिति नियंत्रित हो सकी। इसकी तरह सिविल लाइंस में यूको बैंक, मालियों की पुलिया के सामने बैंक के बाहर ग्राहकों की काफी भीड़ लगी रही।

आधा स्टाफ आने और काम बढ़ने से खराब हो रही स्थिति

कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए बैंकों में 50 प्रतिशत ही स्टाफ बुलाया जा रहा है, जबकि कई लाख खातों में भेजी कई आर्थिक सहायता निकालने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसलिए स्थिति और ज्यादा बेपटरी हो रही है।
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