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Bareilly News: करोड़ों रुपये खर्च, पर शुरू नहीं हो सके स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट

Fri, 05 Jul 2024 06:40 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी स्मार्ट सिटी के कई प्रोजेक्ट अटके हैं। कई परियोजनाओं के टेंडर ही नहीं हो पाए। जिनके हुए भी, संबंधित फर्में उनमें दिलचस्पी नहीं ले रही हैं। जो प्रोजेक्ट बनकर तैयार हैं, उनका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। ऐसे में 600 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी शहर को स्मार्ट बनाने का ख्वाब दिन-ब-दिन धुंधला होता जा रहा है। पेश है प्रमुख परियोजनाओं की पड़ताल करती रिपोर्ट...।
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11.34 करोड़ का स्काई वॉक बना हाथी दांत
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अय्यूब खां चौराहे पर 11.34 करोड़ रुपये की लागत से स्काई वॉक बनाया गया है। यहां स्वचालित सीढि़यां व लिफ्ट लगाई गई हैं। स्काई वॉक पर छोटी-छोटी दुकानें बनाई जाएंगी, ताकि लोग यहां घूमने के साथ ही खरीदारी भी कर सकें। दुकानों को छोड़कर बाकी काम पूरा हो चुका है। नगर निगम की तरफ से कहा जा रहा था कि आचार संहिता नहीं लगती तो टेंडर हो गया होता। अब आचार संहिता हटने के एक माह बाद भी टेंडर नहीं हो पाया। सूत्रों के मुताबिक इसके संचालन के लिए कोई कंपनी आगे नहीं आ रही। इस वजह से देरी हो रही है।

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संजय कम्युनिटी हॉल का तालाब भी अधर में
संजय कम्युनिटी हॉल के तालाब को नौ करोड़ रुपये खर्च कर विकसित किया गया है। तालाब के दोनों और पोर्टेबल शॉप बनाई गई हैं। बोलार्ड लाइटें लगाई गईं। स्केटिंग ट्रैक व सेल्फी प्वाइंट बनाया गया। पास में ही मल्टीलेवल पार्किंग बनाई गई है। सात सितंबर 2022 को सीएम योगी के हाथों इसका लोकार्पण भी करा दिया गया, पर यह शहरवासियों के लिए आज तक नहीं खुल सका है। यह तालाब चोरों का अड्डा बन गया है। यहां लगीं अधिकतर बोलार्ड लाइटें भी चोरी हो गईं। आचार संहिता से पहले इसके लिए टेंडर निकाले गए थे, पर हो नहीं सके। अब फिर कवायद होगी।
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तीन करोड़ की भूल-भुलैया को भी टेंडर का इंतजारगांधी उद्यान में 3.4 करोड़ रुपये खर्च कर भूल भूलैया (मिरर मेज) बनाई गई है। बीते एक साल से इसका संचालन भी हो रहा है, पर अभी तक इसका टेंडर नहीं हो सका। अब खुद स्मार्ट सिटी कंपनी ही इसे चला रही है। सवाल यह है कि जब प्रोजेक्ट पूर्ण हो गया तो स्मार्ट सिटी ने अब तक इसके टेंडर क्यों नहीं किए?

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जेल की दीवार पर बनाया लाइट एंड साउंड शो, हटाना पड़ा
स्मार्ट सिटी के तहत पैसा पानी की तरह बर्बाद किया गया। बिना सोचे-समझे जिला जेल की दीवार के बाहर 7.59 करोड़ रुपये खर्च कर लाइट एंड साउंड शो बना दिया गया। इसे बने हुए करीब एक साल हो गया, लेकिन यह शुरू नहीं हो सका। शुरुआती एक-दो महीने तो लोग इसे देखने आए, पर इसके बाद मुंह फेर लिया। लाइट एंड शो बंद हो गया। इधर जेल का पुनर्निर्माण शुरू हुआ तो अधिकारियों ने लाइट एंड साउंड शो को यहां से हटाने के लिए कहा। इसके बाद अब इसे से हटा दिया गया।


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स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट शहरवासियों के लिए बनाए गए हैं, जिससे कि शहर खूबसूरत लगे व लोग यहां घूम सकें। जल्द ही इन परियोजनाओं के टेंडर होंगे। - उमेश गौतम, महापौर
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