बरेली। किसानों को उम्मीद थी कि इस बार जाड़े में मौसम अनुकूल रहने से गेहूं का उत्पादन होगा, लेकिन बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने फसल बर्बाद कर दी है। गुरुवार देर रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी जारी रही। इससे गेहूं के साथ ही सरसों, दलहन और तिलहन की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग ने फसलों का बीमा कराने वाले किसानों को मुआवजा संबंधी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी ने बारिश, ओलावृष्टि से करीब 20 फीसदी नुकसान की आशंका जताई है।
जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी के मुताबिक, पिछले दिनों हुई बारिश के दौरान हवाएं ज्यादा तेज नहीं चली थी। ऐसे में खेतों में पानी जरूर भरा लेकिन फसलें नहीं गिरीं। हालांकि पानी भरने से फसलों के रोगग्रस्त होने की आशंका थी, लेकिन किसानों ने तमाम जतन करके फसलों को रोगग्रस्त होने से बचा लिया था, लेकिन गुरुवार देर रात से शुक्रवार दिन भर तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने फसलों को बर्बाद कर दिया है। करीब 80 फीसदी गेहूं की फसल में बालियां आ गई हैं। तेज हवा चलने से फसल खेतों में बिछ गई है। ऐसे में बालियों में दाने बनने की प्रक्रिया प्रभावित होगी। इसके अलावा गिरी हुई फसल में चूहे भी नुकसान करेंगे। शुक्रवार को जिला कृषि अधिकारी ने फतेहगंज पश्चिमी के गांव खिरका और सतोया पट्टी का दौरान कर फसलों में हुए नुकसान का जायजा लिया। किसानों से भी बात की। स्थिति बदहाल मिलने पर फसलों का बीमा कराने वाले किसानों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया। साथ ही, किसी भी तरह की जानकारी हासिल करने के लिए हेल्पलाइन नंबर बताए।
72 घंटे के अंदर हेल्पलाइन नंबर पर दीजिए सूचना
जिला कृषि अधिक ारी के मुताबिक, बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, मटर, मसूर, सरसों, आलू, शिमला मिर्च आदि बीमा योजना से आच्छादित फसलों में अगर कोई क्षति हुई है तो किसान 72 घंटे के भीतर हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। किसान बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 18002091415 और प्रदेश स्तर पर सभी बीमा कंपनियों के संयुक्त टोल फ्री नंबर 1800120909090 पर तत्काल सूचना दें। इसके साथ ही, केसीसी जारी करने वाली बैंक और राजस्व विभाग के अफसरों के समक्ष अपना दावा और लिखित आवेदन प्रस्तुत करें। ताकि क्षेत्र का संयुक्त सर्वेक्षण कराकर क्षति पूर्ति के लिए दस्तावेज बैंक को दिए जा सकें।
मौसम का यू-टर्न, बारिश से तापमान में दस डिग्री गिरावट
बरेली। शुक्रवार को मौसम के यू-टर्न लेने से ठंड बढ़ गई है। दिन भर तेज हवाओं संग हुई बारिश से अधिकतम तापमान में करीब दस डिग्री सेल्सियस की गिरावर्ट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने हफ्ते भर तक बादल छाए रहने और फिर तेज बारिश की आशंका जताई है।
आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक, गुरुवार शाम से ही मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया था। देर रात दो बजे से बारिश शुरू हो गई। दरअसल, बुधवार से ही पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा से हवाएं चलने लगी थीं और बादल उमड़ने लगे थे। गुरुवार रात अनुकूल माहौल मिलने पर बारिश शुरू हो गई। उनके मुताबिक सात, आठ और नौ मार्च कोे धूप खिलेगी, लेकिन बूंदाबांदी भी हो सकती है। दस मार्च से फिर मौसम में बदलाव दिखेगा जो 15 मार्च तक रहेगा। शुक्रवार को दिन भर हुई बारिश से अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के बाद 16.9 डिग्री और न्यूनतम 14.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में भी तापमान की स्थिति कमोवेश यही रहने के आसार हैं।