डीजीपी समेत अन्य अफसरों को टैग करके लिखा गया है कि राका अपनी हाई सिक्योरिटी बैरक की फोटो खिंचवाकर रौब झाड़ रहा है। फोटो खींचने के लिए मोबाइल का उपयोग किया गया होगा। सवाल उठाया गया है कि क्या इन अपराधियों को जेल के अंदर मोबाइल की सुविधा दी जा रही है। रविवार दोपहर साढ़े बारह बजे की गई पोस्ट पर शाम ढले तक कोई रिप्लाई नहीं आया था।
11 और 13 मार्च को अपलोड हुईं तस्वीरें
मामले में इज्जतनगर थाना पुलिस ने भी प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक तौर पर पता लगा है कि जेल से बाहर निकलने के दिन 11 मार्च और 13 मार्च को फोटो अपलोड किए गए हैं। माना जा रहा है कि राका ने फोटो पहले ही खिंचवा लिए थे। राका के साथ ही उसका मोबाइल फोन भी बाहर आया और स्टाइल दिखाने को ही इन्हें अपलोड कर दिया। बाद में किसी तरह ये वायरल हो गए।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक बोले- कोई दोषी नहीं बचेगा
वरिष्ठ जेल अधीक्षक अविनाश गौतम ने बताया कि उनके कार्यभार ग्रहण करने से पहले 11 मार्च को राका की जमानत हो चुकी है। ये फोटो उसने कब खिंचवाए और वायरल हुए? इसकी गहनता से जांच की जा रही है। प्रकरण में जिसका भी दोष होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी जेल कुंतल किशोर ने बताया कि मामला संज्ञान में है, कोई दोषी नहीं बचेगा।
एथलीट से बना शूटर, हत्या-लूट व डकैती के 16 मुकदमे हैं दर्ज
बरेली सेंट्रल जेल में कुछ समय पहले तक बंद रहा समीर उर्फ राका कुख्यात अपराधी है। वह अच्छा एथलीट था, लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज के पास दोस्त की हत्या का बदला लेने के लिए वह अपराधी बना तो फिर जरायम की दुनिया से निकल नहीं पाया। पुलिस अब उसकी लोकेशन तलाश करा रही है।
गोंडा के थाना कटरा के ग्राम खेंदुरी का निवासी समीर उर्फ राका हत्या, लूट, डकैती जैसे अपराधों का आरोपी है। इस समय उस पर 16 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से अधिकांश में वह जमानत पर बाहर है। उसने प्रतापगढ़ में रंगदारी नहीं मिलने पर दो भाइयों को गोली मार दी थी। वह बैंक लूट में भी जेल जा चुका है।
उसने वर्ष 2017 में गोंडा के सराफ से लूट की थी। फैजाबाद के एक ठेकेदार को भी गोली मारी थी। उसके खिलाफ कई जिलों में इनाम भी घोषित हो चुका है। वर्ष 2020 में शिकायतों के बाद प्रशासनिक आधार पर समीर उर्फ राका को सीतापुर जेल से बरेली सेंट्रल जेल भेजा गया था।