वित्त अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शनिवार को कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। प्रशासनिक भवन बंद कराते हुए परीक्षा भवन में भी ताला डाल दिया। कुलपति विश्वविद्यालय पहुंचे तो उनका भी घेराव कर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने मांगे पूरी होने तक कार्य बहिष्कार का एलान करते हुए तीन अप्रैल को यूनिवर्सिटी बंद कराने की चेतावनी दी है।
पिछले दिनों कर्मचारियों ने अपनी कई मांगों को लेकर काफी हंगामा किया था। कुलपति ने मांगें पूरी करने का आश्वासन देकर उन्हें शांत करा दिया था। इसमें मुख्य मुद्दा कुछ कर्मचारियों के समायोजन के साथ लंबित मांगे पूरी न होने का था। इसी को लेकर शनिवार को सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए पहले प्रशासनिक भवन बंद करा दिया, फिर प्रशासनिक भवन के बाहर आम सभा कर निर्णय लिया कि मांगे पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखा जाएगा। कर्मचारियों में सबसे ज्यादा गुस्सा इस बात पर था कि उनके बैठने तक के लिए ढंग का फर्नीचर नहीं है जबकि मूल्यांकन के लिए लाखों रुपये का फर्नीचर बिना टेंडर खरीद लिया गया।
मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाए कि कमीशनखोरी के चक्कर में टेंडर नहीं किए गए। वित्त अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक पर विश्वविद्यालय के पैसे का बंदरबांट करने का आरोप भी लगाया। काफी देर यहां हंगामे के बाद कर्मचारी नारेबाजी करते हुए परीक्षा भवन पहुंचे जहां मूल्यांकन की तैयारी चल रही थी। वहां भी हंगामा कर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। परीक्षा भवन में काम कर रहे कर्मचारियों को बाहर निकालकर चैनल गेट पर ताला डाल दिया। कुछ कर्मचारियों ने तोड़फोड़ की भी कोशिश की लेकिन अन्य लोगों ने उन्हें रोक दिया।
कुलपति के पहुंचने के बाद कर्मचारी फिर प्रशासनिक भवन लौटे और उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका घेराव किया। कुलपति ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जा रहा है। बोले, वित्त से जुड़े मामले वित्त समिति में रखे जाएंगे। मगर कर्मचारी इससे संतुष्ट नहीं हुए। स्टाफ एसोसिएशन के महामंत्री राजबहादुर का कहना था कि अब आश्वासन नहीं चाहिए। वित्त समिति में उनके प्रस्ताव पास नहीं हुए तो तीन अप्रैल से यूनिवर्सिटी बंद कराई जाएगी। तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उधर, कर्मचारियों के आंदोलन के चलते बाहर से आए छात्रों के काम नहीं हो सके। उन्हें मायूस लौटना पड़ा।