भारतीय पशु अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक की हत्या के मामले में पुलिस संजीदा नहीं है। ऐसा लग रहा है कि इस हत्याकांड की तफ्तीश को किसी के इशारे पर लटकाया जा रहा है। सात महीने बाद पुलिस ने फिंगर प्रिंट मिलान के लिए फॉरेंसिक लैब भेजे हैं। जबकि यह काम हत्या के तुरंत बाद होना चाहिए था।
29 जुलाई 2015 को हाई सिक्योरिटी जोन कहे जाने वाले बंगले में डॉक्टर दीपक शर्मा जैसी हस्ती का गला काटकर बदमाश निकल गए। एक दो नहीं वो भी तीन लोग। पूरे कैंपस में किसी को उनकी भनक नहीं लग पाई। इतना ही नहीं मारने वाले ने गेट खुलने के बाद डॉक्टर दीपक शर्मा से हाथ भी मिलाया। वह कोई मामूली इंसान नहीं था, डॉ. शर्मा खुद उसके लिए पानी लेकर कमरे में गए। इसके बाद कमरे में जो सभी ने देखा। उनकी गर्दन कटी थी और पास में खून से सनी कैंची रखी थी। कमरे में मेज पर रखे गिलास समेत कई स्थानों से फील्ड यूनिट ने फिंगर प्रिंट लेकर फॉरेंसिक लैब भेजे थे। इसके बाद तफ्तीश की गति धीमी होती गई। परिवार के सहयोग न करने के बहाने अफसरों ने भी इस तफ्तीश को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
विवेचक-एक
कमल सिंह यादव (वर्तमान में एसओ सीबीगंज) पहले विवेचक ने शुरुआत के दिनों में तो काफी तेजी दिखाई। इसके बाद मामले को ठंडा कर दिया। क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर उनकी विवेचना नौकर और नौकरानियों तक ही सीमित रह गई। आतंरिक मामलों की जांच और उनके नतीजों के बारे में भी विवेचक ठीक से जानकारी नहीं जुटा पाए।
विवेचक-दो
सतेंद्र यादव(वर्तमान में सर्विलांस सेल के प्रभारी) दूसरे विवेचक को लखनऊ के अफसरों ने कसा तो उन्होंने दीपक शर्मा के ऑफिस के साथियों और अन्य वैज्ञानिकों के फ्रिंगर प्रिंट लेने की कार्रवाई शुरू हो पाई। एक घोटाले की जांच के जुड़े मामले भी सतेंद्र यादव ने तफ्तीश की, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकाल पाए।
विवेचक-तीन
रामगोपाल शर्मा, प्रभारी निरीक्षक, इज्जतनगर। तीसरे विवेचक ने दीपक शर्मा के जुड़े 100 संदिग्धों के फिंगर प्रिंट लेने की कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें मिलान के लिए फोरेंसिक लैब, लखनऊ भिजवा दिया है। इसके अलावा डॉक्टर दीपक शर्मा का जो कंप्यूटर जांच के लिए फोरेंसिक लैब गया था। उसकी रिपोर्ट भी जल्द मंगाने की कोशिश की जा रही है।
-डॉ. दीपक शर्मा की हत्या का खुलासा करने के लिए टीम लगी हुई है। अब तक फिंगर प्रिंट का मिलान ही नहीं हो पाया है। हमने मिलान के लिए 100 संदिग्धों के फिंगर प्रिंट भिजवा दिए हैं। मिलान से कोई नतीजा नहीं निकला तो आगे की कार्रवाई होगी- आशोक तोमर, एएसपी/सीओ तृतीय