फतेहगंज पश्चिमी। भोलापुर और घेरा पनवड़िया के रकबे में रामगंगा कटरी में बृहस्पतिवार सुबह डेढ़ साल का बच्चा पड़ा मिला। बच्चा किसका है और यहां क्यों छोड़ा गया पुलिस इसका पता लगा रही है। फिलहाल उसे स्वयंसेवी संस्था बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है। रहपुरा जागीर के धर्मेंद्र राजपूत, ओमप्रकाश और जगतपाल सिंह सुबह साढ़े नौ बजे रामगंगा कटरी की ओर गए थे। बियावान जंगल में डेढ़ साल के बच्चे को पड़ा देखकर तीनों हैरत में पड़ गए। सिर से पांव तक धूल में अटा बालक नेकर, बनियान पहने था। काफी देर कोशिश के बाद भी बच्चा अपने बारे में कुछ नहीं बता सका। हालात इशारा कर रहे थे कि बच्चे को या तो आर्थिक तंगी से परेशान होकर मां-बाप खुद ही जंगल में छोड़ गए होंगे या कोई उसे अपहरण कर यहां लाया और किसी वजह से अपहर्ता को बच्चे को छोड़कर भागना पड़ा होगा। रहपुरा में जब बच्चे की पहचान नहीं हो पाई तो ग्रामीणों ने उसे कपड़े पहना दिए। फिर थाने लाकर पुलिस के हवाले कर दिया। करगैना बरेली की स्वयंसेवी संस्था बाल कल्याण समिति के संचालक राजेश गंगवार और उनके साथी थाने पहुंचे और लिखा पढ़ीकर बच्चे को अपने साथ ले गए। राजेश ने बताया कि अगले 24 घंटे में बच्चे को उसके मां-बाप तक पहुंचाने की कोशिश रहेगी। अभिभावक नहीं मिले तो बच्चे को अपनी संस्था के या सरकारी चाइल्ड केयर यूनिट में एडमिट कराया जाएगा।