फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साक्षरता दर तो बढ़ी, पर कम होती जा रही है लिंगानुपात

Fri, 09 Sep 2016 01:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
विज्ञापन
literacy - फोटो : demo
विज्ञापन
2011 की जनगणना के अनुसार जिला कठुआ के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। शहरी इलाकों में साक्षरता दर तो तेजी से बढ़ रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों के मुकाबले बेटियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। आखिर यह कैसी साक्षरता है?
विज्ञापन


वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्रामीण इलाकों में जिला कठुआ की 85.45 फीसदी आबादी बसती है और शहरी इलाकों में 14.55 फीसदी। ग्रामीण इलाके में साक्षरता दर 70.83 फीसदी है और शहरी इलाकों में 85.86 फीसदी। हैरानी की बात यह है कि शहरी इलाकों में पढ़े-लिखे लोगों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद बेटियों की संख्या लगातार कम होती जा रही हैं।

जिले के ग्रामीण क्षेत्र में एक हजार लड़कों की तुलना लड़कियां 894 हैं। जबकि शहरी क्षेत्र में लिंगानुपात 870 ही है। यानी साक्षरता से भी लोगों की मानसिकता नहीं बदली है। शहरी इलाकों में अल्ट्रासोनोग्राफी की सुविधा नहीं होने से स्थिति और बिगड़ी।
विज्ञापन


हालांकि केंद्र सरकार की ओर से जिला कठुआ को इसी साल बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के लिए चुना गया है, जिसके तहत जिला प्रशासन ने पहल कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए लिंग अनुपात पर लोगों को जागरूक करना तो शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें