फरीदपुर (बरेली)। पचौमी गांव में शादी समारोह में आईं नौ लड़कियां अचानक बेहोश हो गईं। उन्होंने मंडप की दावत खाई और एक के बाद एक अचेत होनी लगीं। इससे समारोह में हड़कंप मच गया। सभी को आनन-फानन में सीएचसी में भर्ती कराया गया। लड़कियों के घर वालों ने खाना परोस रहे गांव के ही युवकों पर खाने और पानी में नशीला पदार्थ मिलाने का आरोप लगाकर तहरीर दी लेकिन पुलिस ने मामले को हलके में लिया और खाने में छिपकली गिरने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
शनिवार रात पचौमी गांव में सुरेंद्र सिंह के घर में मंडप की दावत थी। रात नौ बजे खाना शुरू हुआ जिसमें गांव की कई लड़कियां भी आई थीं। बताया जा रहा है कि गांव के कुछ युवक मंडप कार्यक्रम में पहले से ही मौजूद थे और भोजन परोस रहे थे। मीना (16), उर्मिला (25), लक्ष्मी (11), सोनी (22), मीरा (18), लाली (17), रानी (15), रीना और लक्ष्मी (13) को इन्हीं युवकों ने खाना खिलाया और बाद में पानी दिया। खाना खाने के कुछ समय ही बाद ही लड़कियों की हालत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गईं। इस पर वहां हड़कंप मच गया और लोग आनन-फानन में उन्हें गांव के ही डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे। जहां से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरीदपुर भेज दिया गया। हालांकि रविवार सुबह तक लड़कियों की हालत ठीक हो जाने पर उन्हें घर भेज दिया गया।
उधर, दावत में खाना परोसने वाले युवक फरार हो गए। यहां मौजूद एक महिला ने लड़कियों के घरवालों को बताया कि जब लड़कियां खाना खा रही थीं तो एक युवक पानी पिला रहा था। उन्होंने भी पानी मांगा पर उसने मना कर दिया। उस समय इस बात पर ज्यादा गौर नहीं दिया पर जब लड़कियां बेहोश हुईं तो उसे पानी न देने की बात याद आई। संदेह के आधार पर लड़कियों के घरवालों ने चार-पांच लड़कों को नामजद करते हुए एक तहरीर थाने में दी है। रविवार रात तक इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
गांव वालों ने मौखिक सूचना दी है कोई तहरीर नहीं दी। हम उनके आरोप की जांच करा रहे हैं। वैसे हो सकता है कि बारात के खाने में छिपकली गिर गई हो जिसे खाकर लड़कियां बीमार हो गईं।
- एके सिंह, एसएसआई फरीदपुर