बहेड़ी में शुक्रवार को कल्लू गैंग के दो शातिर बदमाश पकड़े गए थे। एसटीएफ ने इन्हें खुद पकड़ने का दावा किया था और इन बदमाशों को थाने में सौंप दिया गया था। उन्हीं बदमाशों को शनिवार को जिला मुख्यलय पर लाया गया तो पकड़ने वाले पुलिस की नजर में बदल गए थे। एसपी क्राइम ने पत्रकार वार्ता में इन बदमाशों को पकड़ने का श्रेय बहेड़ी थाना पुलिस को दिया। हालांकि बदमाश पकड़े गए हैं यह सच है लेकिन अफसरों की नजर में नंबर बढ़ाने की यह होड़ चर्चा में है।
एसटीएफ ने कहा रामतीरथ से मिला था सुराग
28 मई को बहेड़ी के अखा गांव के सराफ छेदालाल से बदमाशोें ने 50 हजार रुपये की नकदी और जेवर लूट लिया था। शुक्रवार को एसटीएफ इंस्पेक्टर विजय राणा ने दावा किया कि कल्लू गैंग के तीन बदमाशों के बहेड़ी में होने की जानकारी उन्हें कल्लू के शातिर अपराधी रामतीरथ से मिली थी। शुक्रवार दोपहर पता चला कि केसरपुर-बिहारीपुर मार्ग पर तीन बदमाश लूट की योजना बना रहे थे। मुठभेड़ के दौरान उन्होंने जबर सिंह गांव उमरसरथाना जहानाबाद पीलीभीत और उसके साथी बहेड़ी के जाजूनगर निवासी साबिर उर्फ गुड्डू को पकड़ लिया। कैंट थाना के मिर्जापुर गांव का रहने वाला राजा फरार हो गया।
मारा गया कल्लू की फरार की सूची में
शनिवार को एसपी क्राइम विजय गौतम ने पत्रकारों को बताया कि बहेड़ी पुलिस ने कल्लू गैंग के साथी को मुठभेड़ के दौरान जबर सिंह और साबिर को बिहारीपुर रोज से पकड़ा है। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर अजय श्रोतिया कर रहे थे। टीम ने एसएसआई गजेंद्र त्यागी, उप निरीक्षक सुरेंद्र मलिक, सिपाही राजेश कुमार और अवधेश कुमार उनके साथ थे। पुलिस की कहानी में मुठभेड़ में घायल होने के बाद मरे कल्लू यादव और दो दिन पहले जेल गए शाहजहांपुर के रामतीरथ को फरार बदमाशों की सूची में शामिल किया है। कल्लू का साथी कैंट के मिर्जापुर गांव का राजा भी फरार बदमाशों की सूची में है।
जबर सिंह पर 14 और साबिर पर नौ मुकदमे
बरेली। कल्लू गैंग के बदमाश जबर सिंह के खिलाफ आगरा, जयपुर, पीलीभीत और उधम सिंह नगर में चौदह मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, लूट, डकैती के मामले भी शामिल हैं। साबिर के खिलाफ बरेली, पीलीभीत में लूट, चोरी और जानलेवा हमला के नौ मुकदमे दर्ज हैं।