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डाक्टर का इंतजार करते जंक्शन पर मर गया बच्चा

Sun, 26 Mar 2017 01:11 AM IST
बरेली।  
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Waiting for the doctor, the child died on the junction - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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ट्रेन सफर के दौरान एक और मौत हो गई। इसबार रेलवे के डाक्टरों की लापरवाही से नौ माह के बच्चे ने दमतोड़ा है। दिल्ली से सिवान जा रहे परिजनों को इलाज के लिए बरेली में उतार तो दिया गया लेकिन रेलवे के अधिकारी डाक्टर नहीं बुला पाए। सूचना पर डाक्टर वार्ड ब्वाय पहुंचा लेकिन कुछ नहीं कर सका। निजी अस्पताल यात्रियों ने ही पहुंचाया लेकिन तबतक बच्चे की मौत हो गई थी। एसएस के कक्ष में जमकर हंगामा भी हुआ। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें साथ शांत कर दिया। इसके बाद दंपति अपने बच्चे के शव को अपने गंतव्य को लेकर रवाना हो गए। 
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बिहार के सिवान जिले के थाना धनौती के गांव धर्ममकरयाग निवासी मुन्ना राम एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। उनके नौ महीने के बेटे रोहन कुमार को पिछले काफी दिनों से बुखार आ रहा था। वह उसका इलाज कराने फरीदाबाद गए थे। शनिवार सुबह आठ बजे वह सिवान आने को गरीब रथ एक्सप्रेस में को नंबर ए-2 सीट नंबर 65,68 पर सवार हुए। उनके साथ पत्नी मनमालती देवी भी थीं। दंपति अपने बच्चे को लेकर सिवान जा रहे थे। मुरादाबाद से बच्चे की हालत बिगड़ी। इसकी जानकारी उन्होंने रेलवे स्टाफ को दी। ट्रेन में तो कोई इलाज मिला नहीं, इस पर स्टाफ वालों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। बरेली जंक्शन पर ट्रेन पहुंचने पर दंपति और उसके बच्चे को उतारा गया, लेकिन यहां इलाज की कोई व्यवस्था नहीं थी। एसएस चेतन स्वरूप शर्मा ने रेलवे डॉक्टर को मेमो भेजा, जिस पर डॉक्टर ने अपने प्रतिनिधि को बच्चे को देखने भेज दिया। इस प्रतिनिधि ने हाथ खड़े किए तो दंपति अपने बच्चे को जंक्शन के पास ही प्राइवेट अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। इस पर दंपति बच्चे को लेकर पुन: जंक्शन पहुंचे तब दो घंटे बाद रेलवे डॉक्टर वेद प्रकाश भी आ गए और उन्होंने बच्चे को मृत घोषित करते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इसके बाद दंपति सप्तक्रांति एक्सप्रेस से सवार होकर अपने बच्चे के शव को सिवान ले गए। 

डॉक्टर आए नहीं, पब्लिक को रोकने आ गई पुलिस
बच्चे की जान पर पड़ी थी। उसकी मौत हो जाने तक रेलवे डॉक्टर नहीं आए तो पब्लिक ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर पुलिस पब्लिक को रोकने के लिए आ गई, लेकिन बच्चे का इलाज करने के लिए रेलवे डॉक्टर नहीं आए। इसको लेकर बेहद आक्रोश जताया गया कि सरकारी महकमों में किसी की मदद करने में तो दूरी होती है, लेकिन दमन करने को तुरंत कदम उठा लिए जाते हैं। 
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शनिवार शाम 3:45 बजे कंट्रोल रूम से मैसेज मिला था कि गरीब रथ एक्सप्रेस में एक बच्चे की तबियत खराब हो गई। 3:50 बजे बरेली ट्रेन आने पर तुरंत डॉक्टर को बुलाया गया। डॉक्टर ने अपना प्रतिनिधि भेज दिया। बच्चे की तबियत अधिक खराब होने पर दंपति बच्चे को निजी अस्पताल ले गया, जहां उसने ले जाते समय दम तोड़ दिया। दंपति फिर उसे वापस जंक्शन ले आए। इसी दौरान यहां पहुंचे रेलवे डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। दंपति को सप्तक्रांति एक्सप्रेस से सिवान के लिए बैठा दिया गया। वह बच्चे के शव को अपने साथ ले गए। 
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चेतन स्वरूप शर्मा, स्टेशन अधीक्षक
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