Police foiled in Anurag kidnapping case
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
मेडिकल छात्र अनुराग का अपहरण खोलने में कोतवाली पुलिस फेल साबित हुई है। हर बार फिरौती मांगे जाने पर सर्विलांस ने सटीक लोकेशन पुलिस को दी, लेकिन कोतवाली पुलिस एक साल तक विष्णु को पकड़ने में नाकाम रही। अनुराग के अपहरण के बाद फिरौती के लिये इस्तेमाल सिम कार्ड का पीछा करती हुई पुलिस हरदोई के दुकानदार अर्जुन पाल तक पहुंची, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं जुटा सकी। पुलिस ने अर्जुन को जेल भेजने के बाद केस में चार्जशीट लगा दी। छह महीने बाद एक टुंडा युवक पंकज को हरदोई से सर्विलांस की मदद से पकड़ा गया, उसके पास से अनुराग के दो मोबाइल भी बरामद किये गये। पुलिस ने बिना लिखा पढ़त के तीन दिनों तक पंकज से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं जुटा सकी। जबकि पंकज ने जिस विकंलाग का जिक्र किया था, वह कोई और नहीं बल्कि विष्णु ही था। विष्णु के पैर में पोलियो है, वह बैसाखी के सहारे चलता था। बावजूद इसके कोतवाली पुलिस विष्णु का सुराग नहीं जुटा सकी थी। पंकज को जेल भेजने के बाद इस मामले में भी चार्जशीट लगा दी गई।
सर्विलांस ने दी थी सटीक लोकेशन
हर बार फिरौती मांगे जाने पर सर्विलांस से अपहरणकर्ता की सटीक लोकेशन सर्विलांस से मिली थी। अपहरणकर्ता ट्रेन में बैठकर फिरौती के लिये फोन करते थे। क्राइम ब्रांच ने एक बार ट्रेन की बोगी को घेर भी लिया था, लेकिन विकलांग विष्णु पर किसी का शक नहीं गया।
अनुराग का शव तलाश रही पुलिस
अनुराग अपहरणकांड में कोतवाली पुलिस ने हत्या की धारा तरमीम करने के बाद अब अनुराग का शव बरामदगी में जुटी है। शनिवार को भी जीआरपी की मदद से ट्रेन से शव की बरामदगी की तस्दीक करवाई गई, हालांकि सफलता नहीं मिली।