एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय अब अपने यहां के खिलाड़ियों को डोप टेस्ट कराने के बाद ही किसी टूर्नामेंट में भेजेगा। यह डोप टेस्ट विश्वविद्यालय में जल्द खुलने वाले फिजियोथेरेपी सेंटर में कराया जाएगा। इस नियम के साथ सेंटर के लिए भी बृहस्पतिवार को हुई विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की बैठक में मंजूरी हो गई। डोप टेस्ट में फेल होने वाले खिलाड़ियों को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। फिजियोथेरेपी सेंटर के लिए तीन मशीनें आ चुकी हैं। बाकी और जरूरी संसाधन भी जुटाकर इसी महीने इसकी स्थापना कर ली जाएगी। इसके लिए फिजियोथेरेपिस्ट एसई हुदा की ओर से हर दिन एक घंटा की सेवा देने के प्रस्ताव का भी स्वागत किया गया। सेंटर में विश्वविद्यालय और उससे संबंधित कालेजों के खिलाड़ियों को निशुल्क सुविधा दी जाएगी। विश्वविद्यालय शिक्षकों और कर्मचारियों से 50 रुपये चार्ज लिया जाएगा। क्रीड़ा परिषद में हुए अहम निर्णय में विश्वविद्यालय के खेलों की सूची में सेपक टाकरा और अमेरिकी फुटबाल को भी शामिल कर दिया गया है। अमेरिकी फुटबाल का प्रशिक्षण साईं स्टेडियम की देखरेख में होगा। परिषद ने टूर्नामेंट में मेडल जीतने वालों के पुरस्कार ही राशि में भी इजाफा कर दिया है। अब गोल्ड मेडल वाले को साढ़े सात के बजाय 15 हजार, सिल्वर वाले को पांच के बजाय 10 और कास्य मेडल पाने वाले खिलाड़ियों के लिए साढ़े तीन के बजाय पांच हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। परिषद ने तय किया है कि अब विश्वविद्यालय की टीम ओपन यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट भी खेलने जाएगी। इसके अलावा खिलाड़ियों को तीन सौ रुपये डीए, मैच वाले दिन तीन रुपये अलाउंस दिया जाएगा। उनसे ट्यूशन और स्पोर्ट्स फीस भी नहीं ली जाएगी। ग्राउंडमैन की सेलरी में एक हजार रुपये की वृद्घि की गई है। क्रीड़ा परिषद के सचिव प्रो. एके जेटली ने बताया कि विश्वविद्यालय के क्रीड़ा मैदान और ट्रेक की मरम्मत का प्रस्ताव भी पास हो गया है। यह मैदान तीन साल से खराब पड़ा है। परिषद की बैठक पदेन अध्यक्ष कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रतिकुलपति प्रो. वीपी सिंह, कुलसचिव डॉ. साहिबलाल मौर्य, आरएसओ मुद्रिका पाठक, डॉ. कुहू दत्ता, डॉ. बसुधा और डॉ. एलबी रावत आदि मौजूद रहे।