सीबीगंज के गांव में नेत्रहीन की दो बेटियों से दुष्कर्म करने की कोशिश करने वाले दो शोहदों के जेल से छूटकर आने के बाद बुधवार को बिरादरी के लोगों की मौजूदगी में दोनों बहनों से दोनों शोहदों का निकाह करा दिया गया। दोनों रातों रात उन्हें दुल्हन के जोड़े में विदा करके घर ले गए। निकाह होने के बाद लड़कियों ने तो उनका गुनाह माफ कर दिया, लेकिन पुलिस ने मेडिकल कराने के लिए पीड़िताओं (अब पत्नी) के पास संदेशा भिजवाया है।
शनिवार की रात करीब आठ बजे सीबींगज में नेत्रहीन की बेटियों के रेप की कोशिश करने के आरोप में जेल गए थाना हाफिजगंज के बड़ेपुरा गांव के साजिद हुसैन और अल्ताफ हुसैन बुधवार को देर शाम करीब आठ बजे जेल से जमानत पर रिहा हो पाए। वहां से सीधे परिवार वाले उन्हें लेकर सीबीगंज पहुंचे। रात साढ़े ग्यारह बजे बिरादरी के लोगों के बीच पंचायत में हुए फैसले के मुताबिक दोनों बहनों का लड़कों के साथ निकाह कराया गया। इसके बाद रातोंरात दोनों बहनें दुल्हन के जोड़ों में छेड़छाड़ के आरोपियों की हमराह बनकर विदा हो गईं। अचानक रातोंरात हुई दो बहनों की शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। इसी गांव में दोनों लड़कियों की एक और बहन ब्याही हुई है। आरोपी उसी के रिश्ते में देवर बताए जा रहे हैं।
मेहर को लेकर हुई कहासुनी
मेहर को लेकर काफी देर निकाह से पहले कहासुनी होती रही। लड़की वाले मेहर की मोटी रकम तय करना चाहते थे। जबकि लड़के वाले इसके लिए तैयार नहीं थे। काफी देर बहस होने के बाद दोनों बहनों से मेहर की रकम पांच लाख 786 तय हो गई। मेहर तय होने के बाद निकाह हो पाया।