त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा को लेकर कमिश्नर अधीनस्थ अफसरों पर तल्ख दिखे और बोले त्रिशूल के आसपास सुरक्षा में खामियां बर्दाश्त नहीं होंगी। विभागीय अफसर जिम्मेदारी निभाएं, वरना एक्शन को तैयार हो जाएं। उन्होंने प्रशासनिक, पुलिस, नगर निगम, बीडीए तथा अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में अब तक की स्थिति की समीक्षा की ।
बैठक में अधिकारियों से कहा कि जिन्होंने तैयारी नहीं की है, वह एक दो दिन में अपनी अपनी जिम्मेदारियां पूरी कर लें। अगले सप्ताह त्रिशूल एयरबेस अधिकारियों के साथ सुरक्षा को लेकर फिर से बैठक होगी। उसी के आधार पर अवैध निर्माण हटाने और रिंग रोड के बारे में फैसला लिया जाएगा।
त्रिशूल एयरबेस के चारो ओर रिंग रोड बनाने के लिए वायु सेना जमीन खरीदने को तैयार नहीं है। वायु सेना के अधिकारियों का कहना है कि रिंग रोड को जमीन बनवाने और उसके आसपास सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। इसको लेकर बैठक के दौरान असमंजस बना रहा। अफसरों ने कहा कि त्रिशूल एयरबेस के अधिकारियों से वार्ता करके रिंग रोड के लिए जमीन का मामला प्रदेश सरकार को संदर्भित कर दिया जाएगा।
एयरबेस के आस-पास के क्षेत्र में किसी तरह का जानवरों का अवैध कटान नही होना चाहिए। जल भराव और गंदगी न हो। साफ - सफ ाई होती रहे। एयरवेज के बाहरी सिविल क्षेत्र में कई स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की योजना है, जिसमें सधन चेकिंग, 24 घंटे मोबाइल चीता, क्यूआरटी की गश्त आदि शामिल है।