झांसी। समथर के चर्चित मयंक गांधी के अपहरण की साजिश उसके पिता के जिगरी दोस्त बंटू गुर्जर ने रची थी। पुलिस ने अपहरण करने वाले पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है, इसमें एक महिला डाक्टर भी शामिल है। पुलिस का दावा है कि यह गिरफ्तारी छेवटा के जंगल में मुठभेड़ कर की गई। बदमाशों के पास फिरौती की रकम में बचे 10.52 लाख रुपये और हथियार भी बरामद किए गए।
22 जुलाई की सुबह 8.30 बजे समथर के मुहल्ला चौपड़ बाजार में रहने वाले गल्ला व्यापारी रामशंकर गांधी के पुत्र मयंक गांधी का बदमाश अपहरण कर ले गए थे। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक टहरौली में कैशियर के पद पर कार्यरत मयंक उस समय बाइक से टहरौली जा रहे थे। परिजनों ने 19 अगस्त को धौलपुर स्टेशन पर 35 लाख रुपये फिरौती दी थी, इसके बाद बदमाशों ने मयंक को 22 अगस्त को ललितपुर-सागर हाइवे पर छोड़ दिया था।
शुक्रवार की सुबह पुलिस ने समथर के निकट छेवटा के जंगल में पांच अपहरणकर्ताओं को मुठभेड़ के दौरान पकड़ लिया। बदमाशों ने अपने नाम मुरैना के अम्बाह थाना क्षेत्र के ग्राम बरेह निवासी संदीप शर्मा, मुरैना के ही सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम हासई निवासी बंटी शर्मा, राजगढ़ जिले के सारंगपुर निवासी आदित्य सोनी, समथर थाना क्षेत्र के ग्राम लोहागढ़ निवासी नरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बंटू गुर्जर व ग्वालियर के पटेल नगर निवासी डॉ. प्रिया गुप्ता बताए।
एसएसपी अब्दुल हमीद ने बताया कि पकड़े गए बदमाश समथर में फिर किसी व्यापारी का अपहरण करने आए थे। बदमाशों ने मयंक को इंदौर के एक घर में एक माह तक रखा गया। घर को फैमिली का लुक देने के लिए प्रीती गुप्ता हर समय अपने दोस्त आदित्य के साथ रहती थी। अपहरणकर्ताओं ने झांसी, आगरा व इंदौर के एक-एक बड़े व्यापारी को अपना अगला टारगेट बनाया था। मगर, इसके पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़े गए। अपहरणकर्ताओं के पास से फिरौती में बचे 10.52 लाख रुपये, दो पिस्टल, छह कारतूस, एक तमंचा, तीन जिंदा कारतूस, एक देशी रायफल, चार कारतूस व अपहरण में उपयोग की गई बोलेरो गाड़ी बरामद की गई है। गिरोह में कुल ग्यारह सदस्य हैं। वंशी शर्मा, शंकर, वीरेंद्र शर्मा, सोनू व खिल्लो फरार हैं, इसमें 15 हजार के ईनामी बदमाश वंशी शर्मा की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
पुलिस को सब पता था
मयंक के पिता रामशंकर व बड़े भाई पुनीत गांधी ने बताया कि 22 जुलाई को अपहरण के छह दिन बाद उनके पास बदमाशों का फोन आया था। पहले 50 लाख फिरौती की मांग की गई, जो घटते-घटते 35 लाख पर आ गई। बदमाशों द्वारा बताए गए ड्रेस कोड सफेद शर्ट, काला पेंट व टाई पहनकर पुनीत झांसी से छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में सवार होकर धौलपुर पहुंचा। धौलपुर स्टेशन के प्लेटफार्म पर 2.30 बजे तीन बदमाश उससे रकम लेने आए थे। उनकी माने ने तो पुलिस को हर जानकारी वह दे रहे थे। पुलिस भी पुनीत के साथ धौलपुर स्टेशन तक गई थी और दूर से ही फोटोग्राफी करती रही। पुलिस ने फोटोग्राफी की मदद से बदमाशों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। रामशंकर गांधी का कहना है कि फिरौती की रकम देने के लिए उनके पास पैसा नहीं था। उन्होंने अपनी मंडी के व्यापारियों, नाते रिश्तेदारों व शुभचिंतकों से मदद मांग कर रकम एकत्र की थी। इसमें ढाई लाख रुपये एक जनप्रतिनिधि ने भी दिए थे।
हर गतिविधि पर नजर रखे था बंटी
साजिश रचने वाले ग्राम लोहागढ़ निवासी बंटू गुर्जर ने समथर में भी घर बनवा रखा है। वर्तमान में वह मेडिकल कॉलेज के पास किराए के मकान में पत्नी व दो बच्चों के साथ रह रहा है। जुएं व शराब की लत ने बंटू को कंगाल बना रखा था। इस कारण उसने अपने ही दोस्त के पुत्र के अपहरण की साजिश रची। मयंक का अपहरण होने के बाद बंटू का हर रोज उनके घर आना जाना बना रहा और वह हर गतिविधि पर नजर रखे रहा। इतना ही नहीं मयंक जिस बाइक से ड्यूटी पर जाता था, उसे भी पांच माह पहले बंटू से ही खरीदा था।
पैसों की लालच में हुई गिरोह में शामिल
ग्वालियर के पटेल नगर निवासी प्रिया गुप्ता होम्योपैथी की डॉक्टर है। शादी के बाद पति से उसका तलाक हो गया। प्रैक्टिस भी नहीं चल रही थी। इस कारण आर्थिक तंगी ने घेर रखा था। इस दौरान वह अपने दोस्त आदित्य के संपर्क में आ गई और गिरोह में शामिल हो र्गइं। अभी वह भोपाल के एक बड़े डॉक्टर के अपहरण करने की योजना बना रही थी।
गिरफ्तार करने वाली टीम
स्वॉट टीम प्रभारी विक्रम सिंह, कांस्टेबिल नरेंद्र कुमार, शत्रुंजय, संजीव शर्मा, चंद्रशेखर यादव, अंजुल यादव, सर्विलांस प्रभारी मनोज मिश्रा, दुर्गेश चौहान, मनोज कुमार, समथर थानाध्यक्ष उदयभान गौतम, शाहजहांपुर थानाध्यक्ष धर्मवीर सिंह, सदर बाजार थानाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, महिला थाना प्रभारी रंजना गुप्ता व सकरार थानाध्यक्ष दीपक मिश्र शामिल हैं।