शोहदे जाने कब से उस गरीब लड़की की टोह ले रहे थे। वे जान गए थेे कि वार्ड आया हर तरह से कमजोर है। न पिता है न कोई भाई जो उसकी हिफाजत कर सके। तंगहाली में किसी तरह छोटी सी नौकरी से घर चला रही ये लड़की उन्हें आसान शिकार लगी और झपट पड़े। अगर स्पर्शलान के मैनेजर ने आगे कार अड़ा कर उन्हें रोक न लिया होता तो वे लड़की को उठा कर ले ही जाते और जाहिर इस लड़की पर बुरी बीतनी थी।
लड़की की कहानी भी दर्दनाक है 14 साल की उम्र में पिता ने उसकी शादी कर दी थी। पति शराबी निकला। बात बात पर पीटता था तो मामला पुलिस तक पहुंचा और दोनों अलग हो गए। लड़की अपने मायके में रहने लगी। अब पिता भी नहीं रहे घर में बीमार मां और छोटी बहन है। रुहेलखंड अस्पताल में वार्ड आया की नौकरी मिल गई तो किसी तरह दो रोटी का जुगाड़ हुआ। बीस साल की तलाकशुदा लड़की बदमाशों को आसान शिकार लगी। मौके पर पकड़े गए दो शोहदे पुलिस के पास हैं बताया जा रहा कि असली अपराधी तो तीसरा है जो पुलिस के हाथ नहीं आ रहा है। वारदात से तो लगता है कि यह गैंग पहले भी ऐसा करता रहा होगा लेकिन पुलिस अभी तक कुछ भी पता नहीं कर पायी है।
लड़की बहादुरी से शोहदों को सजा दिलाने डटी हुई हैं, शुक्रवार को अपनी मां संग थाने पहुंचकर उसने मुकदमे से जुड़ी कागजी कार्रवाई पूरी की। इधर रूहेलखंड मेडिकल कालेज ने अपने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और मुस्तैद करने की बात कही है।
इस मामले की जांच कर रहे रुहेलखंड चौकी इंचार्ज ने बताया कि तीसरा फरार शोहदे थाना इज्जतनगर के अब्दुलापुर का निवासी धर्मेंद्र कुमार की तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी है। केस के विवेचक एसआई रविशंकर ने बताया कि पकड़े गए दो शोहदे लोफर किस्म के थे, पूछताछ में उन्होंने कुबूला है कि उन्होंने युवती को बदनीयती से गाड़ी में खींचा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शोहदे लड़की की स्थिति से वाकिफ थे पर विवेचक का कहना है कि शोहदों ने वार्ड आया को पहले से जानने से इंकार किया है। पकड़े गए अब्दुल्ला (इज्जतनगर) के नेपाल सिंह और म्यूड़ी गांव (भुता) के सचिन से पुलिस अभी पूछताछ कर रही है।