तस्करी के लिए गोवंश तस्कर नए-नए तरीके अपना रहे हैं। शुक्रवार को काली फिल्म लगी सफारी कार में एक गाय और बछड़े को ठूसकर ले जा रहे दो तस्करों को हिंदू संगठनों कार्यकर्ताओं ने पीछा कर पकड़ लिया।
इसके बाद गाय और बछड़े को मुक्त कराते हुए कार तोड़ डाली। भीड़ का फायदा उठाकर एक आरोपी भाग निकला, जबकि दूसरे को कार्यकर्ताओं ने पीटने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया।
शुक्रवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे एक सफेद रंग की सफारी कार नुमाइश कैंप से होकर मंगल नगर की ओर आ रही थी। गाड़ी पर काली फिल्म लगी होने के बावजूद हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने नुमाइश कैंप के पास गाड़ी में गाय को देख लिया। कार्यकर्ता गाड़ी का पीछा करते हुए मंगल नगर में रुकवा लिया और तलाशी ली।
गाड़ी में गाय देख कार्यकर्ता भड़क गए। गाय को बाहर निकाल गाड़ी में तोड़फोड़ शुरू कर दी। सूचना पर नगर कोतवाली और थाना जनकपुरी पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान राहगीरों की भीड़ जमा हो गई, जिसका फायदा उठाते हुए एक आरोपी भाग निकला, जबकि दूसरे को कार्यकर्ताओं धुनाई कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मोहम्मद तौसीफ निवासी शाहमदार सहारनपुर बताया। वह गाय को किस लिए और कहां ले जा रहे थे? इसके बारे में वह कुछ नहीं बता रहा था। इतना ही नहीं, गाड़ी पर लगा नंबर यूके 07 टी 7172 भी फर्जी बताया जा रहा है।
तस्करी के लिए पुलिस भी जिम्मेदार ः सहारनपुर। गोवंश तस्करी रुकने की बजाय लगातार बढ़ रही है। आए दिन गोवंश तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। हिंदू संगठनों का आरोप है कि वह आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले करते हैं, मगर पुलिस सेटिंग कर या राजनीतिक दबाव में उन्हें मुक्त कर देती है। यही वजह है कि तस्करों के हौसले बुलंद हैं।
गोमांस बेचते एक पकड़ा, चालान कियाः चिलकाना। शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि मोहल्ला मजहर हसन के एक घर में गोकशी हो रही है। सूचना के आधार पर एसआई सुदेश कुमार, कांस्टेबल विनीत कुमार, मुनिंद्र कुमार ने इकराम के घर पर छापा मारा। पुलिस को यहां से 50 किलो गोमांस तथा गोकशी में प्रयोग होने वाली कुल्हाड़ी, छुरी, रस्सी, लकड़ी का गुटका आदि बरामद हुई। इकराम को पुलिस ने जेल भेज दिया।