सुप्रीम कोर्ट निर्देश पर नेशनल हाईवे से 500 मीटर दूर शराब और बीयर दुकानें शिफ्टिंग प्रक्रिया पहली अप्रैल से शुरू हो गयी है। इस बीच प्रदेश सरकार ने शहरी राज्य मार्गों पर बाईपास बनने से आबादी वाले हिस्से को अन्य जिला (ओडीआर) मार्ग घोषित कर दिया है। इससे बरेली समेत कई शहरों में बंद हुई दुकानें खुल सकती हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि बरेली में रजऊ परसपुर से सेटेलाइट बाया चौकी चौराहा, चौपुला, किला, मिनी बाईपास चौराहा होते हुए परसाखेड़ा तक जाने वाला मार्ग भी अन्य जिला मार्ग की श्रेणी में आएगा।
हाईवे पर संचालित सभी दुकानें पहली अप्रैल से हटना शुरू हो गयी हैं। जिन दुकानों के लिए उपयुक्त स्थान नहीं मिल पाया वहां पर ताला नहीं खोला जाएगा। उधर, लोक निर्माण विभाग ने 31 मार्च को राज्य मार्गों पर बाईपास बनने पर शहरी आबादी वाले हिस्से को ओडीआर (अन्य जिला मार्ग) घोषित कर दिया है। इससे शहर के भीतर हाईवे पर बंद हुई दुकानें प्रभावित नहीं होंगी। क्योंकि जिला मार्ग हाईवे श्रेणी में नहीं आता है। जिले में हाईवे पर चिह्नित 154 शराब, बीयर, माडल शाप और छह बार बंद कर दिए हैं। अगर लोक निर्माण विभाग से जारी हुआ आदेश शहर में प्रभावी हुआ तो बंद हुए पांच बार डिप्लोमेट, दीनार, गेलार्ड, मेटरो, हयात मदिरा बार पर लगे ताले खुल सकते हैं। एक मदिरा बार बहेड़ी बाईपास स्थित शाने पंजाब भी बंद हो चुका है। साथ ही शहर में बंद हुई शराब और बीयर दुकानें भी फिर शुरू हो सकती हैं। लोक निर्माण विभाग ने पांच अप्रैल तक संशोधन करने को कहा है।
आबकारी विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त सर्वे कर पिछले दिनों 154 मदिरा दुकानें चिह्नित कर शिफ्ट करने का आदेश दिया था। जो पहली अप्रैल से प्रभावी हो गया है। रविवार तक सिर्फ 35 दुकानें ही शिफ्ट हो पायीं है। हाइवे से 500 मीटर दूरी पर उपयुक्त स्थान नहीं मिल पा रहा है, कई जगह विरोध भी शुरू हो गया है।
आदेश नहीं मिला
लोक निर्माण विभाग से जारी आदेश अभी नहीं मिला है। इसका परीक्षण किया जाएगा। तभी कोई संशोधन हो पाएगा।
- एसपी तिवारी, आबकारी, उपायुक्त
शहर की भीतरी सड़कें अन्य जिला मार्ग बनेंगी
बरेली। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन संजीव भारद्वाज ने बताया कि स्टेट या नेशनल हाईवे के वह मार्ग जिन पर बाईपास बन चुका है। शहरी सीमा के अंदर जाते हैं, वह अब अन्य जिला मार्गों में शामिल होंगे। बरेली में रजऊ परसपुर से सेटेलाइट बाया चौकी चौराहा, चौपुला, किला, मिनी बाईपास चौराहा होते हुए परसाखेड़ा तक जाने वाला मार्ग भी अन्य जिला मार्ग की श्रेणी में शामिल होगा। इससे पहले ये मार्ग नेशनल हाईवे का था। पीलीभीत बाईपास मार्ग के बारे में उन्होंने बताया कि ये नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया का मार्ग है। ये अन्य जिला मार्ग की श्रेेणी में आएगा या नहीं। इस पर अभी तय होना बाकी है। ये नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट मैनेजर से मिलकर तय किया जाएगा। हालांकि एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर पहले ही कह चुके हैं कि शहरी सीमा के अंदर की उनकी सड़क की देखरेख की जिम्मेदारी राज्य सरकार एजेंसियों की है।