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पीड़ित ने पकड़वाया, पुलिस ने छोड़ दिया ठगी का आरोपी

Tue, 13 Jun 2017 12:59 AM IST
बरेली। 
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पीड़ित ने पकड़वाया, पुलिस छोड़ दिया ठगी का आरोपी - फोटो : पीड़ित ने पकड़वाया, पुलिस छोड़ दिया ठगी का आरोपी
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रोडवेज और कलक्ट्रेट में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने के आरोपी को पीड़ित ने यूपी 100 के जरिए पकड़वा दिया, लेकिन कोतवाली पुलिस करीब तीन घंटे बैठाने के बाद छोड़ दिया। ठगी का शिकार हुए पीड़ित के मुताबिक, पुलिस अगर कड़ी पूछताछ करती तो बड़ा रैकेट सामने आता। शाहजहांपुर के कटरा निवासी मो. आसिफ खां ने बताया कि रोडवेज में बतौर वेंडर काम करने वाले उनके दोस्त आदेश ने उन्हें सुभाषनगर की तिलक कॉलोनी निवासी श्याम बाबू से मिलवाया था। बताया गया था कि श्याम बाबू रोडवेज में संविदा ड्राइवर है। उसकी कलक्ट्रेट और परिवहन निगम में अच्छी पहचान हैं। आरोप है कि श्याम बाबू ने उन्हें झांसा देकर कलक्ट्रेट में चपरासी के लिए 1.20 लाख और रोडवेज में कंडक्टर की नौकरी के लिए 80 हजार की मांग की थी। मो. आसिफ कंडक्टर की नौकरी के लिए 80 हजार देने पर तैयार हुए थे।
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पहले पांच फिर मांगे 2100 
रविवार को श्याम ने फॉर्म भरवाने के नाम पर पांच हजार लिए थे। सोमवार को श्याम का फिर फोन आया कि रजिस्ट्रेशन के लिए 2100 और देने होंगे। इसके लिए मो. आसिफ को चौपुला चौराहा के पास बुलाया गया। मो. आसिफ ने यह बात अपने भाई को बता दी। उसके भाई ने कहा था कि आए दिन ऐसे ही ठगी हो रही हैं। तुम्हारी नौकरी भी नहीं लगेगी और रुपया भी डूब जाएगा।
 यूपी 100 से पकड़वाया 
मो. आसिफ ने श्याम से रुपया वापस मांगा तो उन्हें धमकी मिली कि इसमें रुपया वापस नहीं मिलता है। इसके बाद दोनों चौपुला चौराहे पर मिले। ठगी का अंदेशा होने पर मो. आसिफ ने यूपी 100 पुलिस को बुलाकर श्याम को पकड़वा दिया। यूपी 100 पुलिस ठगी के आरोपी को पकड़कर कोतवाली ले आई। वादी ने तहरीर लिखकर पुलिस को सौंप दी। 
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 शंकर के जरिए कलेक्ट्रेट में लगती है नौकरी 
उनका आरोप है कि कोतवाली पुलिस ने समझौता करवा दिया, जबकि श्याम ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वह कलक्ट्रेट में किसी शंकर के जरिए नौकरी लगवाने का काम करता है। उसने बताया कि वह अपने भाई की नौकरी हरिद्वार डिपो में लगवा चुका है। 
 एसएसआई को दी थी धमकी
श्याम के पकड़े जाने के बाद सिफारिशें भी कोतवाली पहुंचने लगीं। बताते हैं कि एक रसूखदार ने कोतवाली में एसएसआई को भी दबाव में लेने की कोशिश की। इसके बावजूद पुलिस ने ठगी के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।  
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