24 घंटे पहले एक शिक्षिका ने थाने आकर गैंगरेप की जो कहानी सुनाई थी, कॉल डिटेल ने उसकी पोल खोल दी। बकौल पुलिस बताए गए अपराध के समय शिक्षिका की लोकेशन दूसरे स्थान पर मिलने और इस बीच फोन पर हुई उसकी बातचीत का ब्यौरा सामने रखकर सवाल किए तो शिक्षिका ने मान लिया कि उसने झूठी कहानी गढ़ी थी। असल में उसके पूर्व परिचित शिक्षक ने उसे अपने कमरे में बुलाकर जबरन संबंध बनाए थे और उसके फोटो भी खींच लिए थे।
पुलिस ने बुधवार तड़के ही आरोपी शिक्षक अमित राठौर को भोजीपुरा में उसके घर से उठा लिया था। अदालत में शिक्षिका के कलमबंद बयान कराने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। वह संबंध बनाने और फोटो खींचने की बात स्वीकार कर रहा है।
इस सनसनीखेज प्रकरण का चौंकाने वाला खुलासा करते हुए आईजी विजय सिंह मीना ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने मामला गंभीरता से लेकर पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद उसके मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस कराई। पीड़िता जिस समय अगवा और गैंगरेप की कहानी बता रही थी, उस समय उसकी मोबाइल लोकेशन किला के स्वालेनगर में मिली। एक दिन पहले उसके मोबाइल से एक नंबर पर शाम को 955 सेकेंड बात हुई थी। इसके अलावा पिछले चार महीने से एक ही नंबर पर उसकी बार-बार बात हो रही थी। उसकी आईडी निकलवाने पर पता लगा कि यह नंबर अमित राठौर निवासी ग्राम वीरपुर मकरुका, थाना भोजीपुरा का है। वह स्वालेनगर में किराए का कमरा लेकर रहता है और शिव ज्ञान डिग्री कॉलेज में कैमिस्ट्री का शिक्षक है। पुलिस ने बुधवार को तड़के अमित को उठाकर पूछताछ की तो सारी कहानी सामने आ गई।
आईजी ने बताया कि लड़की के मेडिकल में माइनर इंजरी आई है। मेडिकल के दौरान लड़की ने डॉक्टरों को भी एक लड़के के बलात्कार करने की बात कही थी। मेडिकल कराने के बाद बुधवार सुबह उसका कोर्ट में बयान कराया गया। बयानों के अवलोकन कर लिया गया। पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि अमित को पिछले चार महीने से जानती है। उसने यह कहकर उसे कमरे पर बुलाया था कि उसकी तबीयत खराब है। कमरे में उसने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने के बाद उसके फोटो खींच लिए। पीड़िता ने रेप के बाद फोटो इंटरनेट पर डाले जाने के डर से झूठी कहानी बनाई। सीसीटीवी फुटेज में पीड़िता के बताए किसी रास्ते पर वैन के जाने की पुष्टि नहीं हुई। इसलिए उसे किसी ने अगवा नहीं कि या और उसके साथ गैंगरेप भी नहीं हुआ। अमित ने उसके साथ रेप किया है, उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।
इसलिए हुआ पुलिस को शक
1-घटना के दस घंटे बाद शिक्षिका का परिवार के साथ थाने पहुंचकर गैंगरेप की कहानी बताना। जबकि ऐसे बदहवास पीड़ित पक्ष तुरंत थाने पहुंचता है।
2-थाने में गैंगरेप की कहानी के साथ पहुंची पीड़िता की तहरीर टाइपशुदा होना। जबकि अक्सर ऐसा नहीं होता । तहरीर अक्सर थाने में ही लिखी जाती है। जांच में पता चला कि तहरीर वकील से लिखवाकर टाइप कराई थी।
3-गैंगरेप की कहानी लेकर पहुंची शिक्षिका के कपड़े बदलकर थाने पहुंचना।
4- शिक्षिका का बयान बदलना, उसने पुलिस को बताया दो लोगों ने गैंगरेप किया। डॉक्टर के मेडिकल के लिए पहुंचने पर एक बता दिया।
5-मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर के किसी भी हिस्से में खरोंच न होना। हालांकि प्राइवेट पार्ट पर माउनर इंजरी की बात लिखी है।
मुझे शादी करने के लिए फंसा दिया
बरेली। शिक्षिका के साथ रेप के आरोपी अमित राठौर का कहना है कि शिक्षिका को वह चार महीने से जानता है। वह खुद चलकर उसके पास आई थी। कह रही थी कि तुमसे लड़ने का मन है। तीन फोटो मोबाइल से खींचे, लेकिन उन्हें उसके सामने ही डिलीट भी कर दिया। इसके बाद उसे मथुरापुर चौराहे पर छोड़कर भी आया। यहां से जाने के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। इसे लेकर परेशान था। बुधवार को पुलिस उसे पकड़ने पहुंची तो मैं हैरान था। वह शादी के लिए लगातार दबाव डाल रही थी, इंकार करने पर फंसाया है।
इस कहानी का पूरा सच अभी बाकी है
जिले में सनसनी फैलाने वाली हाईवे किनारे गैंगरेप की कहानी में अब तक तीन मोड़ आ चुके हैं लेकिन यह बात अब भी साफ नहीं हो पायी है कि आखिर शिक्षिका ने इसे तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ गैंगरेप का मामला क्यों बनाया? और असली दोषी का नाम क्यों छिपाया? नए खुलासे में भी यह सवाल कायम है कि आखिर किस दबाव में यह आधा खुलासा किया गया। कलमबंद बयान के हवाले से आईजी ने जो प्रेस को बताया कहीं कहानी उससे इतर तो नहीं।
जिस स्कू ल में इन दिनों शिक्षिका पढ़ाती थी, उसके संचालक अरविंद गोला ने उसे फोन करस्कूल न आने की वजह पूछी तो शिक्षिका ने बताया था कि रास्ते में कुछ शोहदों ने उसके साथ छेड़छाड़ करके परेशान किया। इस पर स्कूल संचालक शिक्षिका के घर पहुंच गए। कहने लगे थाने चलो मुकदमा लिखाकर आते हैं। शिक्षिका ने दोपहर बारह बजे चलने की बात कहकर उन्हें घर वापस कर दिया । दोपहर को फिर से संचालक पहुंचे तो कहानी गैंगरेप की बन गई। इसके बाद वह तो घर वापस आ गए। शिक्षिका माता-पिता को साथ लेकर बरेली चली गई। अधिवक्ता से तहरीर लिखवाकर लाने के बाद शाम साढ़े चार बजे थाने में दे दी। देर रात शिक्षिका अपनी कहानी पर ही अड़ी रही।
काल डिटेल सामने रख कर पुलिस ने जब सवाल किए तो यह बात भी साफ हो गई कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। वह टेंपो से शिक्षिक के कमरे पर गई थी। अब यह पहेली साफ होनी है कि शिक्षक ने ऐसा क्या दबाव बनाया कि उसे जाना पड़ा और अंतत: उसे को आरोपी बनाना पड़ा।
आरोपी ने कहा यह रेप नहीं था
दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजे गए शिव ज्ञान डिग्री कॉलेज के शिक्षक अमित राठौर का कहना है कि खुद शिक्षिका उसके पास गई थी। उसने शारीरिक संबंध बनाने के बाद नग्न फोटो खींच लिए। शिक्षिका के नाराज होने पर उसने उनके उसी के सामने डिलीट भी कर दिए थे। वह उसे मथुरापुर चौराहे तक छोड़ने भी आया, लेकिन शिक्षिका के मन में डर फिर भी बना रहा। फोटो इंटरनेट पर वायरल करने के खौफ की वजह से उसने गैंगरेप की कहानी बनाकर पुलिस के सामने पेश कर दी।
अमित ने पुलिस को बताया कि शिक्षिका करीब एक साल से जानती है। शिक्षिका ने भी पिछले साल शिव ज्ञान जूनियर में कुछ दिन पढ़ाया था। बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई के दौरान शिव ज्ञान डिग्री कॉलेज में शिक्षिका की करीब चार महीने पहले मुलाकात हुई थी। 17 जुलाई को उसने बल्लाकोटा गांव के एक निजी स्कूल में नौकरी की थी। शिक्षिका की एक सप्ताह पहले भी अमित से कमरे पर मुलाकात हुई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अमित ने बताया कि वे कोर्ट मैरिज करने की भी प्लानिंग कर रहे थे, लेकिन इसके बीच बिरादरी आड़े आ रही थी।
मजिस्ट्रेट के सामने गश खाकर गिरी युवती
बरेली। बलात्कार की शिकार युवती को पुलिस ने बुधवार को कलमबंद बयान के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुसुम लता राठौर के समक्ष पेश किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पीड़िता को बयान दर्ज करने को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष सं. दो में भेजा जहां पीठासीन अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने पीड़िता के बयान कलमबंद किए। इस दौरान पीड़िता गश खाकर गिर पड़ी। महिला पुलिस कर्मियों ने तुरंत कक्ष में पहुंच कर स्थिति को संभाला।
दूसरी ओर पुलिस ने आरोपी अमित राठौर को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष सं. सात में एसीजेएम अमित कुमार यादव के सामने पेश किया। उन्होंने न्यायिक रिमांड पर अमित राठौर को जिला जेल भेज दिया।
इस कहानी का पूरा सच अभी बाकी है
पब्लिक तो सीबीगंज में सड़क पर आ गई थी
सीबीगंज के गैंगरेप की कहानी मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद पब्लिक तो बुधवार को साढ़े आठ बजे ही सड़क पर आ गई थी। भीड़ में शिक्षिका के गांव के लोगों के बीच भारतीय जनता पार्टी के नेता भी शामिल थे। हाईवे जाम करने के बाद भीड़ दुराचार के आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे थे। एसपी सिटी समीर सौरभ ने मौके पर पहुंचने के बाद घटना की हकीकत से भीड़ को अवगत कराया तो नेता खिसक लिए और जाम खोल दिया।
साढ़े आठ बजे शिक्षिका के गांव के लोगों की भीड़ ने हाईवे पर जाम लगा दिया। जानकारी मिलने पर एसएसपी ने इंस्पेक्टर राकेश सिंह से पूरे मामले की जानकारी लेकर शांति बनाए रखने को कहा। इसके बाद आईजी ने फोन पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसी बीच भाजपा के शहर विधायक डॉक्टर अरुण कुमार, जिलाध्यक्ष रविंद्र राठौर, गुलशन आनंद समेत कई नेता सीबीगंज पहुंच गए। भीड़ का कहना था कि शिक्षिका और उसके परिवार को पुलिस क्यों थाने में बैठाए हैं। आरोपी की जल्दी गिरफ्तारी करने के बाद उसे फांसी दिलाई जाए।
सूचना पर एसपी सिटी समीर सौरभ और एसडीएम सदर अपूर्वा दुबे, सीओ द्वितीय स्नेहलता मौके पर पहुंच गए। एसपी सिटी ने भीड़ को बताया कि पीड़िता के बयान कराने के बाद घर भेज दिया जाएगा। विवेचना में मदद से लिए उसे थाने में महिला पुलिस के साथ रखा गया है। पूरे मामले का खुलासा हो चुका है। शिक्षिका को किसी ने अगवा नहीं किया है। गैंगरेप की बात में भी सच्चाई सामने नहीं आई है। जल्द ही हम पूरी कहानी प्रेस कांफ्रेंस करके बताएंगे। इतना ही नहीं उन्होंने सरकारी कार से भीड़ में शामिल शिक्षिका की रिश्तेदारी की कुछ महिला और पुरुषों को पुलिस लाइंस में ले जाकर उसके माता-पिता से मुलाकात भी कराई। मुलाकात के दौरान शिक्षिका के परिवार वालों ने पुलिस के कार्रवाई से संतुष्ट होने की बात कही। इसके बाद पुलिस की कार से ही महिलाओं को सीबीगंज छुड़वा दिया गया।
फुटेज में कहीं नहीं दिखी वैन
मंगलवार को एसएसपी साढ़े चार बजे तक सीबीगंज थाने में ही कैंप किए रहे। उन्होंने परसाखेड़ा इंडस्ट्रीयल एरिया के रोड नंबर एक पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक कराए। हाइवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की भी फुटेज कलेक्ट करने के बाद उन्हें चेक कराया गया, लेकिन कोई मारुति वैन आती जाती नहीं दिखाई दी। शिक्षिका की लोकेशन सीबीगंज के उन दोनों स्थानों पर नहीं मिली, जहां से उनसे खुद को अगवा और गैंगरेप करने की कहानी सुनाई थी। कॉल डिटेल से अमित राठौर का नाम पुलिस तक आया और अमित और शिक्षिका से पूछताछ करने के बाद सारी हकीकत सामने आ गई।