रामपुर के मिलक के व्यापारी बंधुओं की लूट की कहानी फर्जी निकली। अब तक की छानबीन में पता लगा है कि आईपीएल सट्टे में मोटी रकम हारने पर हाईवे पर दोनों भाईयों ने भाखड़ा पुल के पास शनिवार दोपहर 11 लाख की कथित लूट का ड्रामा रचा था। उन्हें अपने चाचा को भी बंटवारा होते वक्त तय हुए 14 लाख रुपये देने थे। पैट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज ने उनकी कहानी को पूरी तरह से फर्जी साबित कर दिया।
शनिवार की दोपहर सवा बजे को मिलक के घी-चीनी के थोक कारोबारी सगे भाई अमित गुप्ता उर्फ सोनू और करन गुप्ता नेे मीरगंज में भाखड़ा पुल के पास लूट की झूठी कहानी की स्क्रिप्ट लिखी थी। उनका कहना था कि बाइक सवार दो सशस्त्र लुटेरे उनके मारपीट करके 11 लाख रुपये लूट ले गए। पुलिस ने मामला व्यापारियों से जुड़ा होने की वजह से आनन-फानन में मुकदमा भी लिख लिया था। दिनदहाड़े हाईवे पर लूट की इस सनसनीखेज वारदात की कहानी सुनकर जिले के पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ था। एसपी देहात ने खुद घटना का खुलासा करने की कमान संभाली। मौके का मुआयना करने के बाद व्यापारी बंधुओं से बात करने पर मालूम हुआ कि उन्होंने रास्ते में एक पंप के तेल लिया था। पंप के सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर देखी गई तो पता लगा कि दोनों भाईयों के पास कोई बैग था नहीं। जबकि एफआईआर में उन्होंने बैग का जिक्र किया था। रविवार की शाम के वक्त एसपी देहात यमुना प्रसाद मीरगंज पहुंचे और सीओ, एसओ के साथ व्यापारी बंधुओं को भी थाने बुलाकर पूछताछ शुरू की तो उन्हें पसीना छूट गया। हालांकि घटना के खुलासे को लेकर वह कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं हुए। इतना जरूर कहा कि हम खुलासे के बेहद करीब है। उधर, पुलिस सूत्र का दावा है कि लूट हुई ही नहीं थी। कर्जदारों से बचने के लिए व्यापारी बंधुओं ने लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी। शरीर पर चोट के निशान भी पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही बनाए थे। पेट्रोल पंप का सीसीटीवी कैमरा इस बात का गवाह है कि दोनों भाई घर से बैग लेकर निकले ही नहीं थे।