फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस के स्केच से नहीं पकड़े जाते बदमाश

Thu, 15 Jun 2017 01:25 AM IST
बरेली।  
विज्ञापन
The scoundrel is not caught by the sketch of the police - फोटो : बरेली, अमर उजाला
विज्ञापन
बरेली।
विज्ञापन

हत्या, लूट और डकैती की संगीन वारदातों में पुलिस से जारी स्केच से बदमाश आमतौर पर नहीं पकड़े जाते हैं। वारदात के बाद वादी के बताये हुलिये के आधार पर बनने वाले इन स्केच से पुलिस खुद ही धोखा खाती रही है। 
ऐसे भी मामले सामने आ चुके हैं जब पुलिस ने एक वारदात में पहले जारी हो चुके बदमाशों के स्केच दोबारा जारी कर दिए। अब पुलिस अपनी गलती से सीख लेते हुए साइबर सेल की मदद से स्केच तैयार करवाने के बजाय मुरादाबाद की फोरेंसिक लैब के जरिये स्केच तैयार करवा रही है। बीते सोमवार को फीनिक्स मॉल के सामने से क्रेटा चोरी होने के बाद स्केच तैयार करवाने के लिए ड्राइवर अर्जुन को मुरादाबाद भेजा गया है। इससे पहले ढाई करोड़ के सोने की लूट में भी मुरादाबाद से स्केच तैयार हुए थे।  
विज्ञापन


वादी ने ही नहीं पहचाना 
रामपुर गार्डन सराफ  डकैती में प्रदीप अग्रवाल के घर 30 लाख की डकैती पड़ी थी। सराफ और उसकी पत्नी के बताये हुलिये के आधार पर पुलिस ने दो स्केच तैयार करवा दिए थे। जिन्हें सराफ ने ही पहचानने से इंकार कर दिया था, लेकिन पुलिस दबाव बनाती रही। बाद में खुलासे पर सवाल खड़े होते रहे। 

नहीं पकड़ पाए बदमाश 
आईवीआरआई प्रधान वैज्ञानिक डॉ. दीपक शर्मा हत्याकांड में भी पुलिस ने नौकरानी और बुजुर्ग मां के जरिये दो बदमाशों के स्केच जारी किये। एक स्केच नेपाली का था, जबकि दूसरे बदमाश का चेहरा लंबा था। इन चेहरों के बदमाशों को अभी तक पुलिस नहीं पकड़ सकी है।  

खंडेलवाल डकैती में मदद नहीं 
खंडेलवाल कॉलेज के मालिक गिरधर गोपाल खंडेलवाल के घर पड़ी डकैती के बाद भी पुलिस ने दो स्केच जारी किए थे। यह वारदात भी पुलिस खोलने में नाकाम रही। बदमाशों का पता नहीं चल सका। जल्दबाजी में तैयार स्केच से वादी भी संतुष्ट नहीं था। 
विज्ञापन


दो डकैतियों में एक ही स्केच
रामपुर गार्डन में सितंबर 2014 में कोरल मोटर्स के मालिक अजय अग्रवाल की रामपुर गार्डन स्थित कोठी में बदमाशों ने गार्ड और नौकरों को बंधक बनाकर सवा करोड़ की डकैती की थी। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए नौकरों की मदद से दो बदमाशों के स्केच तैयार किए थे। इसके बाद दिसंबर 2014 की सुबह कांकरटोला में सराफ उमेश चंद्र वर्मा के घर में बदमाशों ने दो करोड़ की डकैती को अंजाम दिया। पुलिस ने एक बार फि र साइबर सेल की मदद से दो बदमाशों के स्केच जारी कर दिए। लेकिन ये वही स्केच थे, जो रामपुर गार्डन डकैती में जारी हुए थे। इस मामले में पुलिस की बहुत किरकिरी हुई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें