नगरिया सादात का प्रधान मुजफ्फर हुसैन उर्फ नवाब स्मैक तस्करी के मामले में फिर फंस गया है। दिल्ली एसटीएफ और क्राइम ब्रांच ने उसके घर छापा मारा तो वह चकमा देकर भाग गया। दिल्ली में पकड़े गए स्मैक तस्कर की सूचना पर पुलिस सर्विलांस के जरिए प्रधान के घर तक पहुंची थी। वह पूर्व बीडीसी सदस्य की फर्जी आईडी लगाकर मोबाइल नंबर इस्तेमाल कर रहा था।
स्मैक तस्कर ने जो मोबाइल नंबर दिल्ली एसटीएफ को दिया था वह मीरगंज के सिंधौली गांव के पूर्व बीडीसी मेंबर छुट्टन का मिला। मीरगंज पुलिस ने छुट्टन को पकड़कर सख्ती से पूछताछ की लेकिन उसने यह नंबर उसके पास होने या उसे चलाने से इन्कार कर दिया। बाद में छानबीन में पता चला कि सर्विलांस पर लगाया गया मोबाइल नंबर नगरिया सादात प्रधान मुजफ्फर हुसैन उर्फ नवाब के पास है और छुट्टन की फर्जी आईडी से वह इसका इस्तेमाल भी कर रहा है। इसी जानकारी के आधार पर दिल्ली एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार रात नगरिया सादात में प्रधान नवाब के घर छापा मारा। अंडर वियर और बनियान में बाहर निकलकर आए नवाब ने पुलिस को देखा तो कपड़े पहनने के बहाने अंदर गया और पुलिस को चकमा देकर पिछवाड़े के दरवाजे से भाग गया।
छह साल पहले भी आया था नाम
स्मैक तस्करी में मुजफ्फर हुसैन उर्फ नवाब का नाम छह साल पहले भी आया था। लेकिन पुलिस की मिलीभगत से मामला रफा दफा कर दिया गया। तब पुलिस ने पुरानी पुलिस चैकी के सामने उसकी गाड़ी को पकड़ा था मगर वह गन्ने के खेतों में जा छिपा। दोनों ओर से फायरिंग भी हुई थी। एसआई अनिल शर्मा के हाथ में गोली लगी थी। पुलिस ने एनडीपीएस में मामला दर्ज नहीं किया तो मामला रफा दफा हो गया।
पूरी बेल्ट में फैला है स्मैक तस्करों का जाल
मीरगंज। फरीदपुर और मीरगंज बेल्ट में स्मैक का धंधा फल-फूल रहा है। पहले दिल्ली पुलिस ने फरीदपुर के कई लोगों को उठाया था अब मीरगंज के लोगों का नाम सामने आ रहा है। स्मैक के लिए मीरगंज का गुलड़िया गांव तो पहले से ही बदनाम है। यहां के कई लोग स्मैक की तस्करी में दिल्ली में पकड़े गए हैं। फतेहगंज पश्चिमी के कई गांवों में भी स्मैक की तस्करी होती है। शुक्रवार को ही पुलिस ने गलियों में स्मैक बेच रही एक महिला को पकड़ा था। उसके पास 60 ग्राम स्मैक बरामद हुई थी।
कोट
हां, दिल्ली पुलिस की टीम आई थी मगर प्रधान हाथ नहीं आया। वहां से वारंट आएगा तो प्रधान को गिरफ्तार किया जाएगा। छह साल पहले के मामले की मुझे कोई जानकारी नहीं है।
बच्चू सिंह यादव, एसओ मीरगंज।