फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपने कत्ल की सुपारी का पता चला तो भाई को मरवा दिया

Fri, 16 Dec 2016 02:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
विज्ञापन
The murder of his brother executed contract revealed - फोटो : बरेली, अमर उजाला
विज्ञापन
बिथरीचैनपुर के लश्करीगंज गांव के वेद प्रकाश हत्याकांड का खुलासा हो गया है। वेदप्रकाश को उसी के भाई सत्यप्रकाश ने पांच लाख की सुपारी देकर मरवा दिया। इसके लिए उसने अपनी पत्नी के माध्यम से जेल में ही निरुद्ध बदमाश शरीफ की पत्नी को जेल गेट पर बुलाया और रकम दे दी। यह साजिश तब की गई जब सत्यप्रकाश को पता चला कि  जमीन के लालच में पिता के हत्यारोपी वेद प्रकाश ने उसे जेल में ही मरवाने के लिए बदमाशों को 21 लाख की सुपारी दी थी। पुलिस ने सत्यप्रकाश और गैंग के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जबकि सुपारी लेने का मुख्य आरोपी शरीफ और उसका साथी हत्या के बाद एनडीएस के तहत फरीदपुर थाने से जेल चला गया है। 
विज्ञापन

पुलिस के मुताबिक गांव के मदन लाल की 85 बीघा जमीन थी। उन्होंने 25-25 बीघा जमीन दोनों बेटों सत्यप्रकाश और वेदप्रकाश के नाम करा दी, जबकि 35 बीघा अपने पास रखी। चूंकि मदन लाल बड़े बेटे सत्यप्रकाश को ज्यादा मानते थे, इसलिए वेद प्रकाश को शक था कि कहीं वे अपने हिस्से की 35 बीघा जमीन भी सत्यप्रकाश को न दे दें। इसी कारण वर्ष 2013 में मदन लाल की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें वेद प्रकाश को नामजद किया गया। इसको लेकर दोनों भाइयों के बीच रंजिश और बढ़ गई। 12 दिसंबर 2015 को वेद प्रकाश पक्ष के सर्वेश कुमार पर हुए जानलेवा हमले में सत्यप्रकाश जेल में चला गया। सत्यप्रकाश को पता चला कि वेद प्रकाश ने उसकी जेल में ही हत्या कराने की 21 लाख रुपये की सुपारी अपराधी बलिश को दी है। इसकी जानकारी पर सत्यप्रकाश ने जेल में ही बंद फरीदपुर के बदमाश शरीफ और शकील को वेद प्रकाश की हत्या करने की पांच लाख रुपये की सुपारी दे दी। सुपारी की धनराशि सत्यप्रकाश ने बेची गई जमीन की घर में रखी रकम में से अपनी पत्नी मुन्नी देवी के माध्यम से शरीफ की पत्नी परवीन को जेल गेट पर बुलाकर पांच लाख रुपये दे दिए। शरीफ 17 मर्च और शकील 30 मार्च 2016 को जेल से छूटे और अपने साथियों की मदद से दो अप्रैल को वेद प्रकाश की हत्या कर दी। इसके बाद शरीफ और शकील फरीदपुर थाने से एनडीपीएफ के तहत जेल चले गए, ताकि उन पर हत्या का शक न हो सके। इसी बीच सत्यप्रकाश भी जेल से रिहा होकर आ गया। इंस्पेक्टर बिथरीचैनपुर केपी सिंह की टीम ने बृहस्पतिवार को पूरी घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस ने सुपारी देकर वेद प्रकाश की हत्या कराने के आरोपी सत्य प्रकाश के अलावा शरीफ के साथी नियाज अहमद निवासी गांव हरेली थाना फतेहगंज पूर्वी, शमशुद्दीन निवासी मोहल्ला फर्रखपुर, फरीदपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तीनों ने एसपी सिटी समीर सौरभ और आईपीएस आकाश तोमर के समक्ष अपना जुर्म कबूल भी किया। जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को डीआईजी ने दस हजार तो एसएसपी ने पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।

सुपारी की रकम से खरीदा प्लाट और बाइक
एसपी सिटी समीर सौरभ ने बताया कि वेद प्रकाश की हत्या की सुपारी की रकम मिलने के बाद शरीफ ने एक प्लाट और शकील ने महंगी बाइक खरीदी थी। एसपी ने बताया कि इनके बारे में अन्य जानकारी जुटाकर संपत्ति भी कुर्क कराई जाएगी और दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें