निकाय चुनाव में मतदाता सूचियों में वोट जोड़ने और काटने का खेल आखिर तक चलता रहे। न्यायालय विभाग के रिटायर कर्मचारी रामपाल ने शांति विहार वार्ड-13 से नामांकन भी करा दिया था, उन्हें कलम दवात चुनाव चिह्न भी आवंटित हो गया, लेकिन प्रचार को निकले तो लोगों से मालूम हुआ कि उनका वोट ही कट गया है। उन्होंने मतदाता सूची देखी तो हैरान रह गए। छानबीन करने पर पता लगा कि बीएलओ ने उनका ही नहीं उनके वार्ड के करीब दो हजार मतदाताओं के वोट काटकर दूसरे वार्ड से जोड़ दिए हैं। इससे तो निर्दलीय प्रत्याशी का चुनाव लड़ना ही खतरे में पड़ गया है। प्रत्याशी ने वार्ड का चुनाव रद्द करने की मांग की है।
शांतिबिहार निवासी निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी रामपाल का कहना है कि वार्ड 13 की मतदाता सूची के आधार पर ही उन्होंने पार्षद पद के लिए अपना नामांकन कराया था। चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें पता चला कि उनके समेत समर्थक दो हजार मतदाताओं के नाम उनके वार्ड से काटकर वार्ड 12 सिठौरा की मतदाता सूची में शामिल कर दिए गए हैं। इनका नाम वार्ड की मतदाता सूची में भाग संख्या 86 के क्रमांक 642 पर था लेकिन अब गायब है। उनका नाम वार्ड 12 की मतदाता सूची में अब भाग संख्या 86 में क्रमांक 1295 पर शामिल है। प्रत्याशी का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम शामिल न होने से वार्ड में अपना ही वोट नहीं डाल सकते जो कि उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। वह इस संबंध में कंट्रोल रूम में भी शिकायत कर चुके हैं। मंगलवार को रामपाल इस मामले की शिकायत करने डीएम के पास गए थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। इस पर रामपाल चुनाव कार्यालय में शिकायत दर्ज करा आए। उन्होंने कहा कि सिठौरा और शांतिबिहार का चुनाव रद्द किया जाए। एडीएएम प्रशासन एसपी सिंह ने बताया कि उन्हें रामपाल की शिकायत अभी नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।