चौकी इंचार्ज शर्मिला शर्मा से सुभाषनगर थाने में गाली-गलौज कर थप्पड़ मारने के मामले में डीआईजी आशुतोष कुमार के आदेश पर दरोगा के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इससे पहले पुलिस के आला अधिकारियों ने इस मामले को बेहद हल्के में लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। माफी मंगवाकर दरोगा को बचाने की कोशिश चल रही थी। चौकी इंचार्ज के अड़े रहने के बाद अमर उजाला ने मुद्दा उठाया तो अब आरोपी दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना पड़ा।
सुभाषनगर थाने में बुधवार शाम दरोगा महेंद्र यादव की मारपीट के मामूली मामले में 307 में मुकदमा लिखने को लेकर चौकी इंचार्ज शर्मिला से पहले कहासुनी हुई। बाद में दरोगा महेंद्र यादव ने चौकी इंचार्ज से गाली गलौज की और थप्पड़ मार दिया था। इसे लेकर पुलिस के आला अफसर चौकी इंचार्ज की तरफ से आरोपी दरोगा पर मुकदमा लिखाने के बजाए उसे बचाने में लगे रहे। बतौर सजा दरोगा को लाइन में बुलाकर मामला निपटाने की कोशिश चल रही थी। अमर उजाला ने ये मामला प्रमुखता से उठाया। इसके बाद ये बात डीजीपी तक पहुंच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी आरके भारद्वाज ने सीओ द्वितीय स्नेहलता को मामले की जांच सौंपी थी। अपने ही विभाग के अफसरों के रवैये से निराश चौकी इंचार्ज शुक्रवार दोपहर बाद डीआईजी आशुतोष कुमार से मिलीं और पूरी घटना बताई। चौकी इंचार्ज का कहना था कि दरोगा महेंद्र यादव ने थाने में उन्हें सरेआम बेइज्जत किया। डीआईजी ने दरोगा महेंद्र यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश कर दिए। रात में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
ये थी घटना
सुभाषनगर थाना क्षेत्र में बुधवार को मकान मालिक तौकीर रजा खां की शिकायत पर चीता मोबाइल के सिपाही शानू उर्फ गुड्डू को पकड़कर लाए थे। इसी समय महिला दरोगा शर्मिला शर्मा भी थाने पहुंच गईं। मामला उनके चौकी क्षेत्र का था। इसलिए आते ही उन्होंने थाने के मुंशियों से कहा कि उनके इलाके का विवाद बता दिया करो। वह शानू और तौकीर के मामले की जांच कर रही हैं। यह मामला एनसीआर लेवल का है। चौकी इंचार्ज की बात पूरी भी नहीं हो पाई कि डे इंचार्ज एसआई महेंद्र यादव गुस्से में आकर कहने लगे कि इस मामले में आईपीसी की धारा 307 के तहत मुकदमा लिखा जाएगा। शर्मिला के विरोध करने पर दरोगा महेंद्र ने गाली गलौज करने के बाद उन्हें थप्पड़ मार दिए।