हल्द्वानी के वनभूलपुरा की रहने वाली शाहीन नाम की लड़की सोमवार शाम अटामांडा स्टेशन के प्लेटफार्म पर चलती ट्रेन से कूद गई। गंभीर चोटें आने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पहले कुछ लोगों ने बताया था कि लड़की को किसी ने धक्का दिया लेकिन कोच में मौजूद आरपीएफ के हेड कांस्टेबल के अनुसार परेशान सी टहल रही लड़की ने खुद ही छलांग लगाई। मौके पर पहुंची जीआरपी ने लड़की के पास मिले मोबाइल से घरवालों को सूचना दी।
सोमवार शाम करीब छह बजे लालकुआं-बरेली सिटी एक्सप्रेस अटामांडा स्टेशन से गुजरी। तभी एक कोच से येलड़की नीचे गिरी। ट्रेन की स्पीड तेज थी। वह करीब 20 मीटर तक घिसटती चली गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसी कोच में मौजूद आरपीएफ के हेड कांस्टेबल दीवानचंद ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद भोजीपुरा जीआरपी ने मौके पर जाकर देखा तो लड़की दम तोड़ चुकी थी। लड़की के पास मिले मोबाइल के नंबरों पर बात करने से पता चला कि लड़की हल्द्वानी के वनभूलपुरा निवासी मोहम्मद इरफान की 16 वर्षीय बेटी शाहीन थी। ट्रेन में मौजूद आरपीएफ के हेड कांस्टेबल दीवानचंद ने बताया कि ट्रेन में पैसेंजर कम थे। वह उसी कोच में पीछे वाले गेट पर थे, जबकि लड़की बीच वाले गेट से गिरी थी। लड़की को गिरते देख वह गेट पर गए तो वहां बैठे यात्री धर्मपाल और सुशील ने बताया कि लड़की तनाव में लग रही थी। स्टेशन आने पर अचानक ट्रेन से नीचे कूद गई।
बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी शाहीन
अटामांडा स्टेशन पर ट्रेन से कूदकर जान देने वाली लड़की के पिता इरफान ने पुलिस को बताया कि शाहीन शाम करीब चार बजे बाजार से कुछ सामान लेने की बात कहकर घर से निकली थी। फिर क्या हुआ उन्हें नहीं मालूम। मां नसीमा का भी यही कहना है कि लड़की बाजार जाने को कहकर निकली थी। सूचना मिलने के बाद लड़की के मां- पिता बहनोई और बहन आटामांडा पहुंचे। पंचनामे की प्रक्रिया के दौरान लड़की के पास से लालकुआं से भोजीपुरा तक का टिकट मिला है। परिवार वाले यहां किसी परिचित के होने से मना कर रहे हैं न ही उन्हें यहां उसकी किसी सहेली के होने की जानकारी है। लड़की भोजीपुरा किससे मिलने आ रही थी या किस काम से आ रही थी, यह अभी रहस्य है। उसके तनाव में होने और खुदकुशी की वजह के बारे में भी घर वाले पुलिस को कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
इज्जतनगर रेल मंडल कार्यालय के पीआरओ राजेंद्र सिंह का भी कहना है कि लड़की ट्रेन से खुद कूदी थी। यह एक्सप्रेस ट्रेन अटामांडा स्टेशन पर रुकती नहीं। लड़की को वहां उतरना होगा। ट्रेन में भीड़भाड़ नहीं थी, जिससे उसे धक्का देने का सवाल ही नहीं उठता।
बरेली-लालकुआं रेल रूट पर खतरनाक हुआ सफर
बरेली सिटी-लालकुआं रूट पर महिलाओं के लिए रेल खतरनाक बन गया है। करीब डेढ़ महीने पहले भोजीपुरा इलाके में बदमाशों ने महिला इंजीनियर जागृति शर्मा को चलती ट्रेन से फेंक दिया था। इसमें घायल हुई जागृति की अस्पताल में कई दिन इलाज चलने के बाद जान बच सकी। लुटेरे उसका पर्स लूटकर ले गए थे। बाद में जीआरपी ने घटना का खुलासा कर लुटेरे को जेल भेजा। इसके कुछ दिनों बाद भोजीपुरा इलाके में ही अभयपुर के पास नवाबगंज इलाके में रहने वाली बीए की छात्रा को ट्रेन से फेंक दिया गया था। कई दिन इलाज चलने के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में महिला की मौत हो गई थी। सोमवार को हल्द्वानी की शाईन ट्रेन से गिर गई।