शहर के राजरूपपुर इलाके में बदमाशों ने सोमवार भोर में दवा कारोबारी सुशील कुमार द्विवेदी के घर में घुसकर आभूषणों और नगदी समेत 16 लाख रुपये से ज्यादा का माल पार कर दिया। छत के रास्ते घुसे चोरों ने उस कमरे में रखी आलमारी, शोकेस तथा दीवान को खोलकर खंगाल डाला जिसमें परिवार के लोग नहीं थे। कारोबारी के कमरे के दरवाजे में बाहर से सिटकनी लगा दी थी। सुबह चोरी का पता चलने पर कंट्रोल रूम को खबर दी गई तो धूमनगंज थाने की पुलिस ने फोरेसिंक टीम और खोजी कुत्ते को लाकर छानबीन शुरू की पर बदमाशों का सुराग नहीं मिला।
सुशील कुमार और उनके बेटे राम और श्याम दवा तथा ट्रैवेल्स का कारोबार करते हैं। लीडर रोड और लूकरगंज में उनका मेडिकल स्टोर है। रविवार रात करीब ढाई बजे छोटा पुत्र श्याम लखनऊ से लौटा। इसके बाद करीब तीन बजे परिवार के लोग सोने गए। भोर में तकरीबन साढ़े चार बजे राम की नींद खुली। उन्होंने दरवाजा खोलना चाहा तो पता चला कि बाहर से सिटकनी बंद है। राम के शोर मचाने पर उनके पिता सुशील ने आकर सिटकनी खोली। बगल के कमरे में आलमारी खुली थी। उसमें रखे गहनों के डिब्बे बाहर बेड पर बिखरे थे। राम की पत्नी पूजा, छह माह के बेटे और मां रुक्मणि के 15 लाख रुपये से ज्यादा कीमत के जेवर और 15 हजार रुपये नगद गायब थे। अटैचियां खुली पड़ी थीं। एक सूटकेस भी नदारद था जिसमें 12 नई बनारसी साड़ियां थीं। शोकेस से चांदी के बर्तन भी चोरी हुए थे। दूसरे कमरे से राम के पिता सुशील का पर्स और दो मोबाइल फोन भी चोर ले गए थे।
100 नंबर पर सूचना दी गई तो धूमनगंज थाने की पुलिस पहुंची। फोरेंसिक टीम और खोजी कुत्ते को बुलाया गया। कुत्ता कमरे से निकलकर छत पर गया। छत पर पानी टंकी के पास शौच पड़ा था। साथ ही खाली बैग भी पड़े मिले। बदमाश दूसरे मकान के जरिए सुशील की छत पर पहुंचे। फिर सीढ़ी उतरकर कमरों में पहुंच गए थे। खबर पाकर पूर्व पार्षद अखिलेश सिंह भी वहां आए और पुलिस से चोरों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की