गांव सिंगरा में हाई वोल्टेज लाइन के चार दिन से टूटे पड़े बिजली के तारों की चपेट में आकर जंगल से लौट रहे 8 साल के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, बिजली विभाग और पुलिस इसे महज हादसा मान रही है। गांव के लोगों के अनुसार चार दिन से हाईटेंशन लाइन टूटी हुई थी। मौखिक शिकायत करके गांव के लोगों खतरा जताया था, लेकिन बिजली विभाग लिखित शिकायत का इंतजार करता है। लापरवाही में एक जान जाने के बाद अब मृतक दिनेश के पिता लाल राम ने बिजली विभाग के खिलाफ लापरवाही की तहरीर पुलिस को दे दी है।
सिंगरा के लालता प्रसाद का 8 साल का बेटा दिनेश बाबू अपनी बूढ़ी दादी बुद्धादेवी और बहन के साथ जंगल से बकरियां चराने गया था। वहां उसकी बहन से झगड़ा हो गया। दादी ने डांटा और घर जाने को कह दिया था। घर वापस आते हुए इंशा खां के गन्ने के खेत में जमीन से ढाई फीट ऊपर झूल रहे तारों की चपेट में आ गया। दादी की चीख-पुकार पर गांव के लोग दौड़कर पहुंचे और बांस की लग्गियों मारकर बच्चे को तारों से छुड़ाया, लेकिन तब तक उसकी तड़पकर मौत हो चुकी थी। परिवार वाले बच्चे को सीएचसी ले गए। जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
हाथ की अंगुलियां तक गल गई
करंट इतनी तेज था कि दिनेश की हाथ अंगुलियां तक गल चुकी थी। उसके शरीर में हाथ और सीने का हिस्सा बुरी तरह से झुलस गया था। दिनेश चार भाइयों में सबसे बड़ा था। उससे बड़ी एक बहन है। दिनेश की मौत से परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। दिनेश के पिता लालता प्रसाद ने बिजली विभाग की लापरवाही को कठघरे में खड़ा किया। बड़े बेटे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।
आंधी से टूटी लाइन, हो सकता था बड़ा हादसा
सिंगरा में प्राइवेट नलकूप को जा रही 11 हजार वोल्ट की लाइन के तार चार दिन पहले आंधी में टूट गए थे। गन्ने के खड़े खेत में यह लाइन पड़ी थी, जब दिनेश इसकी चपेट में आया। गांव वालों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बाद भी बिजली कर्मियों ने तार जोड़ना तो दूर सप्लाई तक नहीं काटी। इसकी चपेट में आने से एक दिन पहले भी एक बच्चा बचा था। गांव में हादसे के बाद चर्चा रही कि लापरवाही से ज्यादा लोग भी चपेट में आ सकते थे।
तहरीर नहीं आई, आएगी तो लिखेंगे एफआईआर
थाना प्रभारी दलवीर सिंह ने तहरीर मिलने से इंकार किया है। बच्चे की मौत अचानक टूटकर गिरे तार की चपेट में आने से हुई है। यह हादसा है। बिजली विभाग के विरुद्ध लापरवाही की तहरीर आएगी तो एफआईआर जरूर दर्ज कराई जाएगी।
तार अचानक टूटकर बच्चे के ऊपर गिरा था। एसडीओ राजेंद्र सिंह ने दो दिन पहले ही पूरे गांव का मुआयना किया था। तब वहां कोई तार टूटा हुआ नहीं मिला था। विभाग की लापरवाही से मौत का आरोप निराधार है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की असली वजह का पता चल सकेगा।
-अभिषेक मल्ल, जेई, मीरगंज उप खंड