बीआई बाजार में पेंटिंग की दुकान चलाने वाले पेंटर की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। रविवार को ही वह दोपहर में किसी परिचित के साथ गया और घर नहीं लौटा। सुबह उसकी लाश अक्षर विहार के पास मिली जिसके बाद सनसनी मच गई। घटनास्थल पर खून नहीं होने से पुलिस ने अंदाजा लगाया कि हत्या कहीं और करने के बाद शव को हत्यारे फेंक गए। कैंट के परगना गांव निवासी सुरेंद्र के परिवार के लोगों ने करीब छह घंटे बाद पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की।
रोडवेज से रिटायर्ड पिता होरीलाल के मुताबिक रविवार सुबह 9.30 बजे उनका बेटा सुरेंद्र बीआई बाजार के एसबीआई एटीएम के सामने स्थित पेंटिंग की दुकान पर स्कूटी से गया था। दुकान के बगल में पंचर बनाने वाले ने पुलिस को बताया कि करीब 12.30 बजे बाइक पर महिला और पुरुष आए थे। थोड़ी बातचीत के बाद वह चले गये। इसके बाद करीब दो बजे उसने देखा तो सुरेंद्र की दुकान का शटर गिरा हुआ था। इसके बाद वापस नहीं लौटा था। रात परिवार ने उसके मोबाइल पर फोन किये, लेकिन कुछ पता नहीं चला था। सोमवार सुबह 6.30 बजे यूपी 100 पर अक्षय विहार के पास लाश होने की सूचना दी गई। इसी घटनाक्रम से अंदाजा लगाया जा रहा है कि रविवार को ही दोपहर में उसका अपहरण कर लिया गया था और रात में किसी वक्त हत्या करने के बाद उसकी लाश फेंकी गई। कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। पुलिस फिलहाल रंजिश और प्रेम प्रसंग की दिशा में काम कर रही है।
स्कूटी को कैंट पुलिस ने किया था सीज
सोमवार सुबह होरी लाल अपने बेटों सतीश और कमल के साथ कैंट थाने पहुंचे। सतीश आंगनबाड़ी में काम करता है और कमल प्लम्बरिंग का काम करता है। कैंट थाने पहुंचने पर उन्हें सुरेंद्र की स्कूटी थाने में मिल गई। पुलिस को स्कूटी दुकान के बाहर लावारिस मिली थी। गाड़ी को सीज करके थाने लाया गया था।
व्हाट्सऐप पर शव की तस्वीर देख पहचाना बेटा
शिनाख्त के लिए दर्जनों व्हाट्सऐप ग्रुप पर लाश की फोटो भेजी गई थी। कैंट थाने में भी लाश मिलने की सूचना थी। परिवार को शिनाख्त के लिए पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। परिवार ने तस्वीर देखकर शव की शिनाख्त कर ली।
जाट रेजीमेंट के लिए बनायी थी पेंटिंग
बीआई बाजार में सुरेंद्र पेंटिंग बनाना सिखाता था। जाट रेजिमेंट में उसके अच्छे संपर्क थे। परिवार ने बताया कि म्यूजियम के लिए भी कई पेंटिंग उसने बनाकर दी थी। एक साल पहले ही पेंटिंग की दुकान खोली गई थी। जाट रेजिमेंट में एंट्री के लिए सुरेंद्र को एक कार्ड भी जारी किया गया था।
नहीं दी गुमशदगी की सूचना
रातभर बेटे के नहीं लौटने पर भी परिवार ने थाने में गुमशुदगी की तहरीर नहीं दी थी। भाई सतीश का कहना था सुरेंद्र काम के सिलसिले में जाता था, लेकिन वापस लौट आता था। यही वजह है कि परिवार ने गुमशुदगी दर्ज नहीं करवाई थी। उसका मोबाइल फोन भी उठ नहीं रहा था।
सांस की थी बीमारी
अविवाहित सुरेंद्र को सांस की बीमारी थी। जिसकी दवा हमेशा वह साथ रखता था। लाश के कपड़ों से भी ऐसी ही दवा बरामद हुई थी। परिवार ने भी इसकी पुष्टि की।
अक्षय विहार के पास लाश बरामदगी के बाद उसकी शिनाख्त पेंटर के रूप में हुई है। वारदात के बाद उसकी प्रेमिका और उसके परिवार को पूछताछ के लिये लाए थे। बाद में छोड़ दिया गया। जल्द मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
-रोहित सिंह सजवान, एसपी सिटी
नफरत ऐसी कि ताबड़तोड़ 18 वार किए
कातिल को सुरेंद्र से इतनी नफरत थी कि वह सुरेंद्र के मरने के बाद भी चाकू से गोदता रहा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उसके शरीर पर 18 से ज्यादा घाव मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले पर तीन, सीने और पेट पर आठ और सात से ज्यादा गहरे घाव पीठ पर मिलेे हैं। पुलिस के अनुसार कातिल रंजिशन या प्रेम प्रसंग में इतनी निर्मम हत्या कर सकता है।
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में सामने आया कि सदर बाजार की एक शिक्षिका के साथ सुरेंद्र के प्रेम संबंध थे। शिक्षिका वाल्मीकि जाति की है, जबकि सुरेंद्र ब्राह़्मण जाति का। इस बात पर दोनों परिवारों में झगड़ा चल रहा था। प्रेम संबंध सामने आने के बाद कैंट पुलिस ने प्रेमिका, उसके पिता और मामा को उठा लिया। एसपी सिटी रोहित सिंह सजवान खुद कैंट थाने में पूछताछ के लिए पहुंचे। दो घंटे तक पूछताछ के बाद सभी को थाने से छोड़ दिया गया।
परिचित था कातिल, साथ किया था नाश्ता
घटनास्थल पर कार के टायरों के निशान मिले हैं। एक छोटी कार में हत्यारे ने अक्षय विहार के पास शव को फेंका है। पुलिस मान रही है कि हत्यारे ने कार में ही कत्ल किया है। क्योंकि घटनास्थल पर खून नहीं मिला है। सुरेंद्र ने कातिल के साथ हल्का नाश्ता भी किया है। पोस्टमार्टम में उसके पेट में 50 ग्राम खाना मिला है। इसलिए यह तय है कि कातिल सुरेंद्र से परिचित था।
महिला ने फोन उठाया, कहा चार्जिंग पर है
सुरेंद्र के कपड़ों की तलाशी में 55 रुपये, एक चाबी, दवा की गोलियां मिली थी। लेकिन उसका मोबाइल और पर्स गायब था। परिवार ने सुरेंद्र का मोबाइल मिलाया तो किसी महिला ने फोन उठाया था। भतीजे ने पूछा कि यह फोन मेरे चाचा का है। तो महिला ने कहा था कि फोन चार्जिंग में लगा हुआ है। कुछ देर में तुम्हें मोबाइल देती हूं। इसके बाद मोबाइल स्विच आफ हो गया। कोतवाल कमलेश कांत फोन करते रहे, लेकिन उठा नहीं।
मोबाइल सीडीआर जांची जा रही
पुलिस मोबाइल सीडीआर की जांच कर रही है। सुरेंद्र के तीन नंबरों की सर्विलांस डिटेल मांगवाई गई है। इसके अतिक्ति प्रेमिका और उसके परिवार सहित करीब 17 मोबाइल नंबरों की डिटेल ली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल की सर्विलांस डिटेल में कत्ल के अहम सुराग मिलेंगे।