किला में अलखनाथ मंदिर के सामने हुआ उपद्रव सुनियोजित नहीं था, बल्कि लोगों ने शक्ति प्रदर्शित करने को सड़क पर बवाल किया था। पुलिस की अब तक की छानबीन में यही बात सामने आई है। पुलिस ने शिनाख्त के बाद छह उपद्रवी गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को जेल भेज दिए। पकड़े गए आरोपियों में चार छात्र, एक हलवाई और एक लड्डू बनाने का काम करता है। पहचाने गए 21 उपद्रवियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है, जिसके लिए दबिश जारी है।
बृहस्पतिवार को पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि सावन के तीसरे सोमवार आठ अगस्त को अलखनाथ मंदिर में डाक कांवड़ में शामिल कांवड़ियों और पुलिस के बीच झड़प होने के बाद मंदिर के सामने रोड पर जमकर उपद्रव हुआ था। चीता मोबाइल फूंक दी थी और जीप दी गई थी। एसएसपी ने बताया कि शिनाख्त होने के बाद उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए किला इंस्पेक्टर मोहम्मद कासिम, एसएसआई अनिल सिरोरही, प्रेमनगर इंस्पेक्टर, देवेश सिंह, और सुभाषनगर इंस्पेक्टर सतीश यादव के नेतृत्व में चार टीमें बनाई गईं। पुलिस ने 48 घंटे मशक्कत कर उपद्रव के आरोपी छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुष्टि के लिए आरोपियों से पूछताछ किए जाने के साथ डेमो भी कराया गया। पकड़े जाने वालों में प्रेमनगर इलाके के सुरखा मोहल्ले का सुभाष पुत्र ओमप्रकाश, बानखाना का आकाश पुत्र पंकज, दिवेश उर्फ चंदन पुत्र जागनलाल, चंद्रन चंद्रा पुत्र राजू चंद्रा, गुद्दड़ बाग का मुकेश अरोरा उर्फ बबलू और शिवम उर्फ दिसू पुत्र धीरेंद्र सक्सेना हैं। कोर्ट में पेश करने पर सभी छह लोगों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।