राजस्थान सीमा से सटे सिरसा जिले के गांव केहरवाला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हड़ताल की वजह से स्टाफ न होने पर पीएचसी के गेट पर ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। प्राथमिक उपचार की कमी के चलते बच्चे ने 10 मिनट बाद ही दम तोड़ दिया। जिस पर गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने बच्चे की मौत के जिम्मेदार ड्यूटी डॉक्टरों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार कौशल्या देवी पुत्री कृष्ण ने बताया कि वह अपने ससुराल भावदीन से अपने मायके केहरवाला में डिलीवरी करवाने के लिए आई हुई थी। बुधवार रात्रि करीब 12 बजे वह अपने परिजनों के साथ पीएचसी केहरवाला पहुंची तो हड़ताल के चलते वहां कोई भी कर्मचारी नहीं था और पीएचसी का दरवाजा बंद था।
इसी दौरान कौशल्या ने वहीं बेटे को जन्म दे दिया। प्राथमिक उपचार की कमी के चलते बच्चे ने 10 मिनट बाद पीएचसी प्रांगण में दम तोड़ दिया। जिसके कारण महिला के परिवार में रोष फैल गया। वीरवार सुबह परिजनों ने एकत्रित होकर स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य विभाग से हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने ड्यूटी पर गैर हाजिर होने वाले चिकित्सकों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
कार्रवाई की जाएगी : सीएमओ
सीएमओ सूरजभान कंबोज ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की दो दिन की हड़ताल चल रही थी। जिसकी वजह से पीएचसी बंद रही। लेकिन यह मामला गंभीर है इस मामले की गहनता से जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।