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एक जैसे हालात में दो युवतियों की मौत,हत्या की आशंका

Fri, 17 Jun 2016 01:38 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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शगुफ्ता का फाइल फोटो
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फांसी पर लटकी या लटका दी गई!
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थाना बारादरी के सहसवानी टोला के लकड़ी कारोबारी की 23 वर्षीय पत्नी शगुफ्ता की फांसी पर लटकने से मौत हो गई। पति उसे जिला अस्पताल तो ले गया लेकिन मौत होने पर  कार और पत्नी के शव को छोड़कर भाग गया। शगुप्ता के पिता का आरोप है कि बंदिशों का विरोध और दहेज की मांग पूरी न होने पर दामाद मुशीर अहमद ने परिवार वालों के साथ मिलकर उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या कर शव फांसी पर लटका दिया। पुलिस ने पति समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। युवती की सास कह रही है कि पहले वह ऊपर वाले कमरे में फांसी पर लटकी और फिर नीचे आ गई। इस बयान से भी कहानी उलझ रही है। 
मोहल्ला जगतपुर चौराहा (पुराना शहर) में रहने वाले टेंट हाउस के मालिक मोहम्मद शाकिर ने बेटी शगुफ्ता बी उर्फ डोली की शादी दो साल पहले सहसवानी टोला निवासी हाजी मोहम्मद मुशीर अहमद के साथ की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ससुराल वालों ने उसे तंग करना शुरू कर दिया था। पति और सास उसे किसी रिश्तेदार से मिलने नहीं देते थे। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब दो बजे शगुफ्ता के बहनोई ने एक रिश्तेदार के साथ आकर प्रभारी निरीक्षक को शगुफ्ता के जिला अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि निजी अस्पताल के डॉक्टरों के हाथ खड़े कर देने के बाद शगुफ्ता को पति जिला अस्पताल ही लेकर पहुंचा था। वहां डॉक्टरों ने शगुफ्ता को मृत घोषित करने के बाद उसका शव मोर्चरी में रखवा दिया। सूचना पर शगुफ्ता के पिता शाकिर, मां मुमताज, भाई मोहम्मद आजम, जुबैर जिला अस्पताल पहुंचे और आपा खो बैठे। शगुफ्ता की मां ने भीड़ से खींचकर मुशीर को पीटना शुरू कर दिया। पिता ने भी मुशीर को खूब खरी खोटी सुनाई। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस तैयारी कर रही थी, इसी बीच मुशीर मौका पाक र भाग गया। उसके पिता हाजी रसीद, सास जमीला और देवर जमशीर घर में ताला लगाकर फरार हो गए हैं।  पुलिस ने शगुफ्ता के पिता शाकिर की तहरीर पर चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। शाकिर का आरोप है कि मुशीर और उसके घर वाले शगुफ्ता से 25 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। उन्होंने उस पर तमाम बंदिशें लगा रखी थीं। वह खाना भी पर्दे में रहकर ही खाती थी।  
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मुशीर अहमद ने बताया कि वह दोपहर में अपने पिता के साथ प्लाट पर बैठा था। इस दौरान उसकी मां का फोन आया। वह दौड़कर घर पहुंचा तो पत्नी बेहोशी की हालत में थी। मां ने उसे बताया कि शगुफ्ता ने ऊपर कमरे में फांसी लगाई और फिर आकर नीचे लेट गई। थोड़ी देर में उसने देखा तो वह बेहोश थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक में शगुफ्ता की मौत फांसी पर लटकने से हुई है। वह खुद फांसी पर लटकी या उसे लटका दिया गया है, पुलिस के सामने भी यह सवाल खड़ा हो रहा है। मकान बंद होने की वजह से पुलिस  मौके का मुआयना भी ठीक से नहीं कर पाई है।

लड़की की मां के आरोप
लड़की की मां मुमताज का आरोप है कि मुशीर अहमद बेहद जालिम किस्म का है। हमेशा अपनी पत्नी को पर्दे में रखता था। उसे फोन तक नहीं रखने देता था। घर पर वह बात तक नहीं कर पाती थी। जिसकी वजह से उनकी बेटी तनाव में रहती थी। सात महीने पहले जब शगुफ्ता ने बेटी को जन्म दिया तो मुशीर अस्पताल देखने तक नहीं पहुंचा। जबकि दो साल पहले बेटा पैदा होने पर उसने खुशियां मनाई थीं। बारह दिन पहले बेटी कुछ घंटों के लिए मायके आई थी, तो उसने रोकर शिकायत की थी कि उसकी शादी कैसे आदमी के साथ कर दी। फिर भी मेरा फर्ज है, इसलिए निभाऊंगी।  

फंदे पर लटकी थी और 
पैर बिस्तर पर टिके थे
पति के चेहरे पर हैं नाखूनों के निशान
थाना कैंट के मोहनपुर गांव में पति के कहासुनी होने पर किराना दुकानदार की पत्नी हुस्नबानो का शव फांसी पर झूलता हुआ मिला। परिवार वालों ने पति और ससुराल वालों पर दहेज के लिए गला दबाकर मार डालने का आरोप लगाया है।  पोस्टमार्टम अभी नहीं हो पाया है।
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थाना बिथरी चैनपुर के मानपुर गांव की 25 वर्षीय हुस्नबानो की शादी 2012 में मोहनपुर गांव में रहने वाले किराना दुकानदार शाकिर हुसैन के साथ हुई थी। बृहस्पतिवार की सुबह हुस्नबानो ने किसी बात को लेकर अपनी बेटी अलीशानूर को पीट दिया था। इसी बात को लेकर शाकिर की पत्नी से कहासुनी हो गई थी। शाम साढ़े छह बजे सूचना मिली कि हुस्नबानों का शव कमरे में फांसी के फंदे पर दुपट्टे  से लटका मिला। पुलिस छानबीन करने पहुंची तो आत्महत्या की बात साफ नहीं हो पाई।  शव के पैर बेड से टिके हुए थे। दरवाजा जरा सा धक्का देते ही खुल गया। शाकिर से चेहरे पर नखूनों के निशान भी हुस्नबानों की हत्या की ओर ही इशारा कर रहे थे। हालांकि पति का कहना था कि सुबह विवाद होने के बाद वह दुकान पर चला गया। शाम को हुस्नबानो के कमरा अंदर के बंद करने की सूचना पर आया था। उसने सवा दो साल की बेटी अलीशानूर और सवा साल की माहेनूर को भी कमरे में बंद कर रखा था। उसने आकर दरवाजा खोला तो हुस्नबानो का शव पंखे से लटका हुआ था। हालांकि हुस्नबानों के भाई का आरोप है कि शाकिर और उसके परिवार के लोग उसकी बहन से साथ आए दिन मारपीट करते थे। एक बार पहले भी ससुराल वालों ने हुस्नबानो पर तेजाब डालकर हत्या करने की प्रयास किया है। उन्होंने हुस्नबानो की हत्या की है। मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दे दी है। प्रभारी निरीक्षक ब्रजराज सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद ही हुस्नबानों की मौत का कारण पता लग पाएगा। 
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