शहर के पॉश इलाके में 35 वर्षीय अज्ञात युवक की नृशंस हत्या करने के बाद लाश अतिथि होटल के किनारे बंद प्लाट में फेंक दी गई। युवक का गला और दोनों हाथों के अलावा पैरों के पंजे भी कटे हुए थे। दुबले पतले शरीर का ऊपरी हिस्सा पूरा गायब है। धड़ में भी पेट तक शरीर सड़ चुका है। आशंका है कि ये हत्या कई दिन पहले करके लाश प्लाट में फेंकी गई। युवक कौन है और कहां का रहने वाला है। इसकी हत्या क्यों और कहां की गई। हत्यारे कौन हैं। इनकी संख्या कितनी है। पुलिस को इन सवालों के जवाब खोजने हैं। नृशंस हत्या के पीछे गहरी साजिश की आशंका है। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद लाश का पोस्टमार्टम कराया है।
सिविल लाइंस में न्यायालय के सामने और अतिथि होटल के किनारे खाली पड़े बंद प्लाट के आसपास के दुकानदारों को कई दिन से बदबू आ रही थी। दुकानदार संजय अग्रवाल ने समझा कि प्लाट में कोई कुत्ता मर गया है। चार या पांच दिन से बदबू फैलने से परेशान संजय ने चंचल नाम के लड़के को 80 रुपये दिए और कहा कि वह प्लाट से कुत्ते का शव निकालकर दूर ले जाकर फेंक दे। जब कर्मचारी प्लाट के अंदर घुसा तो पता चला कि झाड़ियों से बदबू फेंकने वाली लाश किसी आदमी की है। तब दुकानदार ने पुलिस को सूचना दी। इस पर कोतवाली इंस्पेक्टर सुधीरपाल धामा, एसएसआई गिरीश प्रसाद, संजय राय, एसआई केपी सिंह आदि मौके पर पहुंचे। लाश देखने से स्पष्ट लग रहा था कि किसी ने चार या पांच दिन पहले युवक की गला, हाथ और पैर काटकर नृशंस हत्या करके लाश बंद प्लाट में फेंक दी। युवक के शरीर पर काले रंग की जींस और कत्थई रंग का अंडरवीयर था। प्लाट में कहीं से आने जाने का रास्ता नहीं है।
ये है पुलिस का नजरिया
अज्ञात लाश देखने से ही नृशंस तरीके से हत्या लग रही है लेकिन पुलिस प्रथमदृष्टया हत्या लगने वाले इस केस को मर्डर नहीं मान रही है। इसके लिए पोस्टमार्टम का इंतजार करने की बात कही जा रही है। एसआई केपी सिंह का मानना है कि कोई स्मैक या मादक पदार्थ से नशा करने वाला युवक मर गया है। कुत्तों ने उसका शरीर अंग भंग कर दिया। जिससे लाश क्षत विक्षत हो गई। फिलहाल, पुलिस की इस लाइन से की जाने वाली तफ्तीश पर कोई भरोसा नहीं कर पा रहा है।