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पाकिस्तानी ठगों की नजर भारतीयाें की जेब पर

Sun, 07 Dec 2014 08:13 PM IST
बरेली
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केस 1
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जसौली का महिपाल बड़ा बाजार के सुपर प्रिंटिंग प्रेस में काम करता है। एक दिसंबर को सुबह 10.46 बजे 923056172852 नंबर से उसके मोबाइल पर कॉल आई। फोन करने वाले ने बताया कि उसने 25 लाख रुपये का इनाम जीता है। फोन नंबर के आगे +92 देखकर उसका दिमाग ठनका और उसने कॉलर को कई बातें सुना दीं। महिपाल की उस नंबर पर करीब 1 मिनट 46 सेकें ड बात हुई थी।
 
केस 2
प्रेमनगर का फैजान भी इसी प्रिंटिंग प्रेस में कार्यरत है। इसी दिन फैजान को भी दोपहर 1.30 बजे 923056172852 से कॉल आई। फैजान के पास एंडरॉयड फोन है, लिहाजा उसके स्क्रीन पर पाकिस्तान दिखाने लगा। कॉलर ने फैजान को बताया कि वह बांदा से बोल रहा है। उसने बताया कि उसने 25 लाख रुपये का इनाम जीता है। फैजान ने उससे बैंक का नाम और खाता नंबर भी पूछ लिया।
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पाकिस्तान में बैठे ठगों ने भारतीयाें की जेब पर नजरें गड़ा दी हैं। इन दिनों पाकिस्तान के कोड नंबर (+92) से आने वाले ऐसे फोन कॉल बढ़ गई हैं, जिनके जरिए कोई न कोई लालच दिया जा रहा है। इस काम में पाकिस्तानियों ने कुछ भारतीयों को भी शामिल कर लिया है, ताकि भारतीय कोड (+91) से लोगाें के फोेन उठ सकें।
लखनऊ साइबर सेल के दीप शंकर का कहना है कि अब पाकिस्तान से भारतीयाें को आपरेट किया जा रहा है। लोग एलर्ट हो गए हैं, इसलिए +92 से फोन नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई केस ऐसे भी हैं जिसमें भारतीयों को पाकिस्तान से ऑपरेट किया जा रहा है। भारत के ये लोग पाकिस्तान में बैठे ठगों के लिए भारतीय नंबराें से फोन कर ठगी करते हैं।  
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ऑनलाइन सर्विसेज से मिल रहा है नंबर
जिन वेबसाइट या ऑनलाइन सर्विसेज का प्रयोग कर हम उनमें अपनी जानकारी व डेटा फीड करते हैं, वहां से यह जानकारियां लीक हो रही हैं। इसी तरह कई ऑनलाइन कंपनियाें में रजिस्टर लोगों के नंबर भी मार्केट में सेल होते हैं। इसके लिए हैकर काम कर रहे हैं।
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