मस्जिद के सामने से दूसरे पक्ष की बारात निकलने का विरोध भी तनाव की वजह बन रहा है। जुमे के दिन होली पड़ने से यहां छोटे विवाद बड़ा रूप ले सकते हैं इसलिए इस गांव में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
डीएम ने एडीएम प्रशासन को इस प्रकरण में शीघ्र प्रभावी कार्यवाही करने के लिए लिखा है। एडीएम प्रशासन अरुण कुमार की ओर से पुलिस के साथ गांव में दोनों पक्षों को साथ बैठाकर वार्ता कराने की रणनीति बनाई जा रही है। इसमें यह तय कराने पर जोर है कि जब भी बारात आदि मस्जिद के सामने से जाएं तो थोड़ी देर के लिए डांस और बैंड-बाजे बंद कर दिए जाएं ताकि किसी की भावनाएं आहत न हों। इसमें ग्राम प्रधान प्रेम किशोर आजाद भी साथ रखने की तैयारी है। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, इस गांव में करीब 10 हजार की आबादी है। इसमें 65 फीसदी अल्पसंख्यक हैं। 29 जनवरी को भी यहां बैंड बाजे के साथ बारात गुजरने के दौरान हुए विरोध से तनातनी की स्थिति बनी थी।